- भाजपा पार्षदों की नाराजगी दूर होने के बाद समितियों के चुनाव का ऐलान
- 23 जुलाई को एमसीडी सदन की विशेष बैठक बुलाई, दिसंबर 2022 के बाद पहली बार होंगे चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी में लंबे समय से लंबित विशेष और तदर्थ समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। भाजपा पार्षदों की हिस्सेदारी को लेकर बनी नाराजगी के समाधान के बाद महापौर राजा इकबाल सिंह ने इन समितियों के चुनाव कराने का फैसला लिया है। इन समितियों के सदस्यों का चुनाव 23 जुलाई को होगी। चुनाव के लिए सदन की विशेष बैठक बुलाई गई है।
दिसंबर 2022 में एमसीडी चुनाव के बाद इन समितियों के चुनाव हो रहे हैं। अब तक इन समितियों का गठन नहीं हो पाने से एमसीडी की कार्यप्रणाली कई स्तरों पर प्रभावित हो रही थी। विशेष और तदर्थ समितियों में एमसीडी की विभिन्न नीतियों और कामकाज की समीक्षा की जाती है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इन समितियों के चुनाव 10 जुलाई को होने थे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 3 जुलाई थी। लेकिन भाजपा पार्षदों की आपत्ति के बाद दो जुलाई को इन समितियों के चुनाव स्थगित कर दिए गए थे।
उनका कहना था कि इन 23 समितियों में से 11 समितियों के अध्यक्ष पद उन्हें मिल रहे हैं। अन्य 12 समितियों के अध्यक्ष पद महापौर, उपमहापौर और स्थायी समिति अध्यक्ष के लिए आरक्षित है। इस कारण प्रदेश भाजपा के निर्देश पर चार समितियों के अध्यक्ष भी पार्षदों को देने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में बृहस्पतिवार को सदन की बैठक में प्रस्ताव पास किया गया था, जिससे असंतुष्ट पार्षदों का विश्वास बहाल हुआ और चुनाव की राह साफ हुई।
निगम सचिव कार्यालय ने समितियों के सदस्यों के चुनाव की नई अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत नामांकन पत्र 17 जुलाई तक निगम सचिव के कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं और 23 जुलाई को सदन की बैठक में उनका चुनाव होगा। इसके बाद इन समितियों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव कराया जाएगा।