असम से गिरफ्तार किए गए आतंकी आईएसआईएस की नजरों में आना चाहते थे। वह आईएसआईएस को दिखाने चाहते थे कि वे कुछ भी कर सकते हैं। ऐसा कर वह दिल्ली समेत भारत में कई जगहों पर बड़ा हमला करने की भी साजिश रच रहे थे।
आरोपियों ने दिल्ली में आतंकी हमले की साजिश रच ली थी। इनके निशाने पर कई मंदिर व भीड़भाड़ वाले बाजार थे। ये खुलासा दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में आए आतंकियों ने किया है। दिल्ली पुलिस ने तीनों आतंकियों को 10 दिन की रिमांड पर ले रखा है।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने असम से आईएसआईएस से प्रभावित तीन आतंकियों लुइत जमील जमां उर्फ अली, रंजीत इस्लाम और मुकादिर इस्लाम को गिरफ्तार किया था।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आतंकी दिल्ली व असम में बम धमाके कर उनकी फोटो खींचते और वीडियो बनाते। इन फोटो व वीडियो को ये सोशल मीडिया व अपने व्हॉट्सएप ग्रुप में डालते।
ऐसा कर वह आईएसआईएस को दिखाना चाहते थे कि वे कुछ भी कर सकते हैं। आरोपियों का कहना है कि ऐसा कर वह आईएसआईएस की नजरों में आना चाहते थे, ताकि आईएसआईएस बाद में उन्हें बड़ा टास्क दे।
आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह बड़ा नेटवर्क खड़ा करना चाहते थे। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी बांग्लादेशी आईएसआईएस से प्रभावित होकर आतंकी बने थे। जो युवक खुद प्रभावित होकर आतंकी बनते हैं वे खुद ही सारा काम करते हैं।
मसलन अपना नेटवर्क खड़ा करना, बम धमाके खुद करना और बम बनाना आदि काम खुद ही करते हैं। ये लोग सोशल मीडिया के जरिए प्रभावित होकर आतंकी बनते हैं।
दिल्ली पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आतंकियों के निशाने पर दिल्ली के कई मंदिर व भीड़भाड़ वाले बाजार थे। दिल्ली पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मंदिर ही इनके निशाने पर क्यों थे और दिल्ली में वह किन-किन लोगों के और कैसे संपर्क में थे।