मेट्रो फेस-4 के तहत मंजूर तीन कॉरिडोर पर काम शुरू हो चुका है। जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर पर पिछले साल दिसंबर में निर्माण की शुरुआत कर दी गई थी जबकि तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर और मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर भी कार्य जारी है। करीब 65.1 किलोमीटर के दायरे में फेस-4 के तीनों कॉरिडोर पर 46 अंडरग्राउंड और एलिवेटेड मेट्रोस्टेशन होंगे। तीनों कॉरिडोर पर निर्माण कार्य पूरा होने से 10 लाख से अधिक लोगों को दिल्ली के एक से दूसरे छोर पर पहुंचना आसान हो जाएगा।
मेट्रो फेस-4 के स्टेशन पहले से अधिक बड़े होंगे। इंटरचेंज स्टेशनों पर व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाओं को ध्यान में रखकर आगे कार्य किए जा रहे हैं। मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन को अधिक तवज्जो दी जा रही है ताकि यात्रियों के लिए तमाम परिवहन विकल्पों का इस्तेमाल आसान हो सके। इससे न तो देरी होगी और ही आवाजाही में किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
28.92 किलोमीटर का जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मूलत: मेंजेंटा लाइन कॉरिडोर का विस्तार है। इसमें22 स्टेशन होंगे। कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने से पश्चिमी दिल्ली के दो लाखों से अधिक लोगों के लिए नोएडा से आवागमन आसान हो जाएगा। एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर पर करीब 23.62 किलोमीटर के दायरे में 16 स्टेशन होंगे जबकि मौजपुर से मजलिस पार्क के बीच12.55 किलोमीटर में आठ स्टेशन होंगे।
कॉरिडोर पर होंगे चार एलिवेटेड स्टेशन
23.62 किलोमीटर में प्रस्तावित एयरोसिटी-तुगलकाबाद मेट्रो कॉरिडोर के साथ-साथ छह लेन का फ्लाईओवर होगा। इस पर 4.2 किलोमीटर में संगम विहार, खानपुर-देवली, अंबेडकर नगर और साकेत-जी पर चार एलिवेटेड सहित कुल 16 मेट्रो स्टेशन होंगे। इस पर यू गर्डर लगाने की शुरुआत हो चुकी है। तीसरे कॉरिडोर पर भी काम चल रहा है।
तीन अन्य कॉरिडोर
तीन अन्य कॉरिडोर पर मंजूरी मिलने का इंतजार है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान मेट्रो को हुए नुकसान और जमीन की कमी और अलग-अलग क्षेत्रों में मेट्रो की जरूरतों का आकलन के बाद रिठाला बवाना-नरेला के 21.73 किलोमीटर के कॉरिडोर पर लाइट मेट्रो चलेगी। इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ के बीच 12.58 किमी जबकि लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक के बीच भी 7.96 किमी के दायरे में एक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।