पलवल और फरीदाबाद जिले में महज एक लाख साठ हजार लोग ही आयकर रिटर्न भरते हैं। जबकि दोनों जिलों में पैनकार्ड धारकों की संख्या नौ लाख है।
यानी साढ़े सात लाख लोग अभी भी रिटर्न भरने से बचते हैं।
विभाग अब उन सभी लोगों को रिटर्न फाइल करने की अपील की है जो पैनकार्ड धारक हैं।यह जानकारी विभाग की प्रधान आयकर आयुक्त अनुराधा मुखर्जी ने दी। वह मंगलवार को एनआईटी-4 स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं।
प्रेसवार्ता में विभाग के संयुक्त आयुक्त राजेश कुमार और शशि काजले भी मौजूद थे।उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 के लिए विभाग ने एक योजना शुरू की है।
जिसके तहत घरेलू करदाता कुल अघोषित आय का 45 फीसदी टैक्स जमाकर झंझट से मुक्ति पा सकता है। विभाग उससे कोई पूछताछ अथवा जांच पड़ताल नहीं करेगा और न ही कोई अदालती कार्रवाई होगी।
मुखर्जी ने बताया कि इनकम डिस्कलोजर स्कीम एक जून से 30 सितंबर तक जारी रहेगी। अघोषित आय पर 7.5 प्रतिशत की दर पर लगाया गया टैक्स कृषि कल्याण टैक्स कहा जाएगा और इसका उपयोग कृषि और ग्रामीण अर्थ व्यवस्था के लिए खर्च किया जाएगा।
30 नवंबर तक कर सकते हैं रिटर्न फाइल प्रधान आयकर आयुक्त मुखर्जी ने बताया कि लोगों की सुविधा को देखते हुए विभाग ने 30 नवंबर तक रिटर्न फाइल
करने की छूट दी है।
इसके बाद लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। अघोषित संपत्ति पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति पर 100 से 300 फीसदी तक जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आयकर विभाग के पास हर व्यक्ति की जन्मकुंडली है।
कौन, कहां, किस पर और कितना खर्च कर रहा है, इसकी पूरी जानकारी विभाग के पास है। इस लिए कोई बच नहीं सकता। 30 नवंबर के बाद किसी की कुछ सुनवाई नहीं होगी। क्योंकि प्रधानमंत्री ने भी इसकी घोषणा कर चुके हैं।