ब्लैक फंगस के मरीज का सफलतापूर्वक हुआ ऑपरेशन
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राजधानी में ब्लैक फंगस (म्यूकॉर माइकोसिस) के सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 700 से कम हो गई है। फिलहाल दिल्ली के 56 अस्पतालों में कुल 688 रोगियों का इलाज चल रहा है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों के लिए 2,780 एम्फोटेरिसिन बी इंजेक्शन आवंटित किए। इससे दवा की कमी की समस्या कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है।
दिल्ली में ब्लैक फंगस के सबसे अधिक मरीज(113) जीटीबी अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बाद लोकनायक में 108, साकेत मैक्स अस्पताल में 67, सर गंगाराम अस्पताल में 63 और डीडीयू अस्पताल में 16 मरीज भर्ती हैं। लोकनायक अस्पताल के एक डॉक्टर ने बताया कि पहले काफी ज्यादा मरीज अस्पताल में भर्ती हुए थे। कुछ दिनों में यह संख्या 100 के पार पहुंच गई थी, लेकिन अब एक सप्ताह से मामले कम हुए हैं।
उन्होंने बताया कि फंगस के एक मरीज को अस्पताल से छुट्टी मिलने में महीने भर तक का समय भी लग जाता है। यही कारण है कि स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या अभी ज्यादा नहीं है। दिल्ली में तीन जून तक ब्लैक फंगस के 1044 मामले आ चुके थे। इनमें से 89 की मौत हो चुकी है और 92 स्वस्थ हुए है। डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी से मृत्यु दर 50 फीसदी से अभी अधिक है।
नोट- आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक हैं। इनमें केंद्र सरकार के अस्पतालों में भर्ती मरीज शामिल नहीं है।