दिल्ली पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि होटल अर्पित पैलेस में पहले ठगी हुआ करती थी। वर्ष 2002 में होटल में करोड़ों रुपये की ठगी के बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था। मामले की जांच सीबीआई ने की थी। इस दौरान राकेश गोयल से पूछताछ हुई और होटल की भूमिका भी सामने आई।
इसके बाद सीबीआई ने होटल मालिक राकेश गोयल को होटल का लाइसेंस देने पर प्रतिबंध लगवा दिया। इसके बाद राकेश गोयल ने भाई शरदेंदु गोयल के नाम लाइसेंस लिया।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राकेश गोयल के होटल में वर्ष 2002 में जयपुर के कुछ लोग ठहरते थे। इन लोगों ने रत्न बेचने के नाम पर कुछ विदेशियों से करोड़ों रुपये ठग लिए । इस बाबत सीबीआई में मामला दर्ज किया गया।
सीबीआई ने राकेश गोयल से भी कई दिन तक पूछताछ की। इसके बाद सीबीआई ने दिल्ली पुलिस की डीसीपी (लाइसेंसिंग) को पत्र लिखकर राकेश गोयल के होटल का लाइसेंस रद्द करने व भविष्य में राकेश गोयल के नाम पर होटल का लाइसेंस नहीं देने के लिए पत्र लिखा।