नगर निगम कार्यकारिणी उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर चली आ रही तकरार के बीच सोमवार को मेयर की ‘बीमारी’ पर हंगामा हो गया। कार्यकारिणी बैठक में पहुंचे पार्षदों और विपक्षी नेताओं ने खूब नारेबाजी की।
जब यह पता चला कि मेयर चेकअप कराने की बात कहकर नोएडा में संघ के एक सीनियर पदाधिकारी की शोकसभा में शामिल हुए हैं तो पूरा विपक्ष धरने पर बैठ गया। इसके बाद कार्यकारिणी की बैठक स्थगित कर दी गई।
इस ड्रामेबाजी के बीच निगम का रिवाइज्ड बजट अटक गया। उधर, मेयर का कहना है कि कैलाश अस्पताल में चेकअप कराने के बाद वे शोकसभा में शामिल हुए थे।
असल में सोमवार को बजट बैठक से पहले कार्यकारिणी उपाध्यक्ष का चुनाव होना था। तय समय पर सुबह 11 बजे से पांच मिनट पहले ही नगर आयुक्त आरके सिंह अफसरों की टीम के साथ सभागार में पहुंच गए।
समिति के सभी 12 पार्षद भी आ गए। बसपा पार्षदों के साथ साहिबाबाद विधायक अमरपाल शर्मा भी विपक्ष को एकजुट करने पहुंच गए लेकिन मेयर नहीं पहुंचे। थोड़ी देर बाद ही मेयर के बीमार होने की खबर पहुंची।
बताया गया कि महापौर को चेकअप के लिए नोएडा के कैलाश अस्पताल ले जाया गया है। इस पर बैठक स्थगित कर दी गई। गुस्साए विपक्षी पार्षदों ने जमकर हंगामा किया और महापौर के खिलाफ धरना भी दिया।
चेकअप के बहाने पहुंचे तेरहवीं में
बीमारी की बात कहकर महापौर तेलूराम कांबोज नोएडा में एक शोकसभा में पहुंच गए। नोएडा में संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की सोमवार को शोकसभा थी। भाजपा के महानगर अध्यक्ष अशोक मोंगा के साथ मेयर इसमें शामिल हुए।