फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये 36 सीटें हैं सबसे खास, जहां होगा कड़ा मुकाबला

विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों में से एक पूर्व विधायक के भाग्य का फैसला मतदान से पहले ही तय हो गया है। इस विधायक की हार पहले से निश्चित हो गई है।
विज्ञापन


वह किसी भी स्थिति में इस चुनाव में विधायक नहीं बन पाएंगे। दरअसल एक विधानसभा क्षेत्र में दो निवर्तमान विधायक एक-दूसरे के समक्ष ताल ठोके हुए हैं। यानी इनमें से एक की हार को कोई भी टाल नहीं सकता। खास बात यह है कि पिछले चुनाव में इन नेताओं ने एक-दूसरे को जिताने के लिए पूरी ताकत लगाई थी।

पटपड़गंज क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के निवर्तमान विधायक मनीष सिसोदिया के समक्ष उनके पुराने साथी विनोद कुमार बिन्नी मैदान में कूदे हुए हैं।
विज्ञापन

इन 36 सीटों पर मुकाबला है खास

बिन्नी फिलहाल लक्ष्मी नगर के पूर्व विधायक हैं। यह दोनों नेता वर्ष 2013 में ‘आप’ के टिकट पर अलग-अलग क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। मगर अब बिन्नी भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। उन्होंने विधायक बनने के कुछ समय बाद ‘आप’ से बगावत कर दी थी।

दूसरी ओर 36 विधानसभा क्षेत्रों में पूर्व विधायकों के सामने पूर्व विधायक ही चुनाव लड़ रहे है। इस तरह इन 36 सीटों पर किसी पुराने खिलाड़ी को फिर विधायक बनने का अवसर मिल सकता है। एक सीट पर दो पूर्व विधायक आमने सामने हैं।

उधर, राजधानी के मतदाता इस चुनाव में कम से कम छह सीटों पर ऐसे विधायक चुनकर भेजेंगे जो पहली बार सदन का मुंह देखेंगे। दरअसल इन छह सीटों पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों में कोई भी अभी तक विधायक नहीं बना है।

इन सीटों में शामिल मुंडका सीट पर दो पार्षदों के बीच मुकाबला है। इस सीट से कांग्रेस ने निवर्तमान विधायक रामबीर शौकीन की पार्षद पत्नी रीटा और भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह के छोटे भाई आजाद सिंह को टिकट दे रखा है। आजाद सिंह वर्तमान में मुंडका वार्ड से पार्षद हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें