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मंत्री जी ने डॉक्टरों को लगाई फटकार, आर्थोपेडिक सर्जन सस्पेंड

Mon, 21 Sep 2015 08:55 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, फरीदाबाद
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मरीज की टूटी हुई हड्डी का ऑपरेशन एक माह तक टालने वाले आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आरएस गौड़ को स्वास्थ्यमंत्री डॉ. अनिल विज ने निलंबित कर दिया। वह सोमवार को जिले में डेंगू की तैयारियों का जायजा लेने आए थे।
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इस दौरान उन्हें सिविल अस्पताल में ढेर सारी खामियां मिलीं। जिले और प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं को जल्द ही ठीक करने का उन्होंने दावा किया है।
 
स्वास्थ्य मंत्री करीब पौने दो बजे सिविल अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत की। दवाएं बाहर से तो नहीं लिखी जातीं, डॉक्टर समय पर देखने आते हैं आदि की जानकारी ली।

बुखार के चलते सोमवार सुबह इमरजेंसी में भर्ती हुए पांच साल के शम्मी के बारे में जानकारी देने के लिए कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था, इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। थोड़ी देर में आरएमओ डॉ. नवीन गुप्ता बिना एप्रन पहने वहां पहुंचे।
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गंदगी देखकर भड़के मंत्री जी

उन्हें बिना वर्दी देखकर स्वास्थ्य मंत्री ने लताड़ लगाई और आइंदा एप्रन और नेमप्लेट में रहने की हिदायत दी। एप्रन न पहनने पर सीएमओ डॉ. गुलशन अरोड़ा को भी लताड़ मिली।

इमरजेंसी के ड्रेसिंग रूम की खस्ता हालत देख कर स्वास्थ्यमंत्री भड़क गए। उन्होंने पीएमओ डॉ. सुरेशचंद्र को डांट लगाते हुए पूछा कि इस गंदगी से मरीज को इन्फेक्शन करवाओगे क्या? तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए।

इमरजेंसी में रखे इंजेक्शन और दवाइयों की एक्सपायरी डेट चेक की। इसके बाद डेंगू वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां भर्ती मरीजों से बातचीत की और सीएमओ, पीएमओ से जानकारी ली।

बताया गया कि जिला अस्पताल में अब तक डेंगू के 15 मरीज भर्ती हुए, सभी को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। अज्ञात मरीजों के लिए बनाए गए अननोन वार्ड की गंदगी और अव्यवस्था देखकर उन्होंने इसे जल्द दुरुस्त कराने के निर्देश दिए।
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'किसी दिन फिर करूंगा औचक निरीक्षण'

सर्जरी वार्ड में भर्ती मरीजों ने नर्स, वार्ड बॉय और डॉक्टरों के दुर्व्यवहार की शिकायत की। प्रताप नाम के मरीज ने बताया कि उसे पैर की टूटी हुई हड्डी का ऑपरेशन करने के लिए एक माह तक का इंतजार करवाया गया।

ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आरएस गौड़ पर मरीजों को ज्यादा समय नहीं देने का भी आरोप लगाया। स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. गौड़ को निलंबित करने का फरमान सुना दिया।

इसके बाद उन्होंने इंटिग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम लैब का दौरा किया। यहां उन्होंने डेंगू के सैंपल आदि की जानकारी ली। इसके बाद उनका काफिला रवाना हो गया। दौरे में उनके साथ विधायक सीमा त्रिखा, विपुल गोयल, मूलचंद्र शर्मा के अलावा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

सिविल अस्पताल की अव्यवस्था के बारे में पत्रकारों ने प्रश्न किया तो डॉ. विज ने यह कह कर टाल दिया कि आज तो सिर्फ डेंगू की रोकथाम को लेकर आया हूं। किसी दिन औचक निरीक्षण करके देखूंगा कि सीएमओ, पीएमओ और कौन से डॉक्टर नदारद रहते हैं।
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