कनॉट प्लेस के पांच सितारा होटल में 19 सितंबर का महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी मनोज शर्मा ठगी के लिए एक बड़ी राजनीतिक पार्टी के सांसद के कार्यालय का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि आरोपी कैसे एक सांसद के कार्यालय का इस्तेमाल कर रहा था। दूसरी तरफ नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अगले सप्ताह में आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया जाएगा। आरोप पत्र तैयार करना शुरू कर दिया गया है।
नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एसीपी कनॉट प्लेस सिद्धार्थ जैन की देखरेख में बनी एसआई शबनब सैफी की टीम की जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी मनोज शर्मा करीब 50 लोगों के साथ मध्यम लघु सूक्ष्म उद्यम मंत्रालय(एमएसएमई) से लोन दिलाने के नाम पर ही सांसद के कार्यालय में ही पैसा लेता था। उसका सांसद के कार्यालय में लगातार आना-जाना लगा रहता था।
वह लोगों को मंत्रालय ये लोन दिलाने के नाम पर मोटा कमीशन लेता था और अपना कमीशन लोन मिलने से पहले ही ले लेता था। सामूहिक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार एक आरोपी शेखर को भी मनोज शर्मा ने दो करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर 23.50 लाख रुपये ठग लिए थे। मनोज शर्मा की ठगी के पीड़ित अब कनॉट प्लेस थाने में पहुंच रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार होटल के कमरे में सातवां व्यक्ति मौजूद था। हालांकि पीड़िता महिला ने सातवें व्यक्ति का नाम अपनी शिकायत में नहीं लिखवाया है। पुलिस ने इस सातवें व्यक्ति को भी आरोपी बना लिया है। एसीपी कनॉट प्लेस की देखरेख में महिला एसआई शबनब सैफी की टीम इस आरोपी की तलाश कर रही है।
एसआई शबनब सैफी की टीम ने इस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए कई जगह दबिश दी हैं। कनॉट प्लेस के पांच सितारा होटल में असम की रहने वाली एक महिला से 19 सितंबर को सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। पुलिस टीम एक महिला व मुख्य आरोपी मनोज शर्मा समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मनोज शर्मा पेशे से इंजीनियर है।