भाजपा ने द केरल स्टोरी फिल्म को दिल्ली में टैक्स फ्री करने की मांग की है। साथ ही फिल्म को ए श्रेणी से यू-ए श्रेणी में डालकर इसकी कैटेगरी बदलने की भी मांग की गई है। जिससे नौवीं, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं में पढ़ रही छात्राएं भी इस फिल्म को देख सकें और किसी संभावित खतरे से स्वयं को बचा सकें। इसके पहले भाजपा ने अरविंद केजरीवाल सरकार से विवेक रंजन अग्निहोत्री की 'कश्मीर फाइल्स' फिल्म को भी टैक्स फ्री करने की मांग की थी जिसे सरकार ने स्वीकार नहीं किया था। इसके बाद दिल्ली में इस फिल्म पर खूब राजनीति हुई थी। भाजपा की मध्यप्रदेश सरकार द केरल स्टोरी को अपने यहां टैक्स फ्री करने की घोषणा कर दी है। आने वाले दिनों में भाजपा शासित अन्य राज्यों में इस फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने का अनुमान है।
दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रवीण शंकर कपूर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर मांग की है कि वे इस फिल्म को राजधानी में टैक्स फ्री करें जिससे नवीं से बारहवीं कक्षा तक की छात्राएं भी इसे देख सकें। कपूर ने सीएम से फिल्म के विशेष निःशुल्क शो आयोजित कर दिल्ली की बेटियों को दिखाने की मांग भी की है। भाजपा नेता ने कहा है कि उन्होंने इस फिल्म को देखा और इससे बहुत प्रभावित हुए। वे चाहते हैं कि मुख्यमंत्री भी सपरिवार इस फिल्म को देखें और विषय की गंभीरता को समझें।
प्रवीण शंकर कपूर ने अमर उजाला से कहा कि इस फिल्म को केवल हिंदू समुदाय की लड़कियों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। इस फिल्म का विषय देश के हर समुदाय की हर लड़की से जोड़कर देखा जाना चाहिए। जिस तरह लड़कियों को आतंकियों और आतंकवाद के गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त किए जाने की बात कही गई है, उन्हें लगता है कि यह फिल्म देश के हर वर्ग और हर समुदाय के लोगों को देखना चाहिए जिससे वे अपनी बच्चियों को इस तरह की आपराधिक साजिश में फंसने से बचा सकें।
कश्मीर फाइल्स पर हुआ था विवाद
भाजपा ने इसके पहले विवेक रंजन अग्निहोत्री की फिल्म कश्मीर फाइल्स को दिल्ली में टैक्स फ्री कराने की मांग की थी। लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में कहा था कि यदि फिल्म को यू-ट्यूब पर डाल दिया जाए तो यह सबसे ज्यादा लोगों तक मुफ्त में पहुंच सकती है। दिल्ली सरकार ने फिल्म को टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया था जिस पर खूब विवाद हुआ था। हालांकि, भाजपा शासित अनेक सरकारों ने इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया था। दि केरल स्टोरी के मामले में भी उसी तरह की राजनीति होने की आशंका बढ़ गई है।