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शरीर में सीटी वैल्यू 24 से ज्यादा तो नहीं फैलेगा संक्रमण

Wed, 05 Aug 2020 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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corona in india - फोटो : पीटीआई
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कोविड-19 की आरटी-पीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर भी जिन मरीजों में वायरस की मात्रा (सीटी वैल्यू) 24 से ज्यादा है, उनसे संक्रमण फैलने की आशंका न के बराबर है। इसलिए यह जरूरी है कि जो भी व्यक्ति जांच में संक्रमित मिले, उसे अपनी सीटी वैल्यू जरूर पता होनी चाहिए।

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विशेषज्ञों के मुताबिक,वायरस अलग-अलग प्रकार से लोगों को संक्रमित करता है। कुछ मरीजों को यह ज्यादा प्रभावित करता है और कुछ को कम। यह इस बात पर निर्भर करता है कि मरीजों में विषाणु की मात्रा कितनी है। हाल ही में कुछ ऐसे केस आए थे। जहां मरीजों में यह वायरस मृत मिला था।

यानी,यह लोग संक्रमित तो हैं,लेकिन इनसे दूसरे लोगो में संक्रमण नहीं फैलेगा। जो लोग भी अस्पतालों में या लैब में जाकर आरटी-पीसीआर जांच करा रहे हैं,उन्हें डॉक्टर से यह जरूर पूछना चाहिए कि उनके शरीर में सीटी वैल्यू की मात्रा कितनी है। 
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सफदजंग अस्पताल में मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉ जुगल किशोर बताते हैं कि मरीजों सीटी वैल्यू एक प्रकार से विषाणु की मात्रा का मानक होता है। अन्य बीमारियों की तरह कोरोना वायरस का भी एक मानक पैमाना है।

24 से ज्यादा सीटी वैल्यू वाले मरीजों की अन्य लोगों में संक्रमण फैलाने की संभावना काफी कम है,लेकिन इन मरीजों को भी सभी सावधानी बरतने की जरूरत है। सीटी वैल्यू ज्यादा होने का यह मतलब नहीं है कि मरीज कोविड के सुरक्षा नियमों का पालन न करें और सावधानी बरतना छोड़ दे।

लगातार घट रही आरटी-पीसीआर जांच
राजधानी में आरटी-पीसीआर जांच की संख्या लगातार घटती जा रही है। बीते एक सप्ताह में कुल 1,06,270 लोगों की जांच की गई। इसमें सिर्फ 31 हजार आरटी-पीसीआर जांच हुई हैं। यानी,इस प्रणाली से सिर्फ 30 फीसदी लोग ही जांच करा रहे हैं। एंटिजन के नतीजे 70 से 80 फीसदी ही सही आते हैं,लेकिन अब लोग इसी जांच को कराते हैं। यही कारण है कि आरटी-पीसीआर जांच की संख्या लगातार घट रही है। 

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