लेह में प्रथम सिंधु कुंभ और 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सिंधु केवल एक नदी नहीं, भारत की सभ्यतागत चेतना का जीवंत प्रतीक भी है। यह हमारे इतिहास के साथ सामूहिक आत्मा में भी प्रवाहित होती है। सिंधु से पुनः जुड़ना उन सांस्कृतिक और सभ्यतागत मूलाधारों से जुड़ना है, जिन्होंने सदियों से भारत का निर्माण और मार्गदर्शन किया है। यह बातें दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहीं। वे सोमवार को लद्दाख के लेह में स्थित सिंधु घाट पर आयोजित प्रथम सिंधु कुंभ और 30वीं सिंधु दर्शन यात्रा के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान उन्होंने देश का ध्यान सिंधु नदी के ऐतिहासिक महत्व और भारत की सांस्कृतिक चेतना में उसके स्थान की ओर आकर्षित करने में वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता इन्द्रेश कुमार की कोशिशों की भी सराहना की।इस मौके पर लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, दिल्ली विधानसभा के सदस्य सूर्य प्रकाश खत्री, संजय गोयल और अहीर दीपक चौधरी व अन्य मौजूद रहे। छह दिवसीय यह आयोजन 27 जून तक चलेगा।