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'मौत के गड्ढे' पर सियासी जमघट: घटनास्थल पूरे दिन बना रहा राजनीतिक अखाड़ा, दिल्ली में आप-भाजपा के टकराव से तनाव

Sat, 07 Feb 2026 04:06 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

आप-भाजपा में नारेबाजी का यह दौर काफी देर तक चलता रहा, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
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जनकपुरी में बाइक सवार कमल की गड्ढे में गिरने से मौत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड ने खोदे गड्ढे में गिरने से एक युवक की मौत के बाद शुक्रवार को घटनास्थल पूरे दिन राजनीतिक अखाड़े में तब्दील रहा। हादसे को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच तीखी राजनीतिक टकराव की स्थिति भी देखने को मिली। स्थिति उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गई, जब दिल्ली सरकार के जल मंत्री प्रवेश वर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और हादसे के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा संभाला और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी का यह दौर काफी देर तक चलता रहा, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। 

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हादसा नहीं, हत्या है : आप 
जनकपुरी हादसे पर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार को घेरा है। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की राजधानी में सड़क के बीच खुले गड्ढे में गिरकर किसी युवक की मौत होना एक हादसा नहीं, बल्कि हत्या है। नोएडा में हुई घटना के बाद भी भाजपा सरकार नहीं जागी और आज उसी लापरवाही का खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही है। केजरीवाल ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही ने एक घर का चिराग बुझा दिया। प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने घटना को लेकर भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जनकपुरी में पीडब्ल्यूडी की सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड ने खोदे गड्ढे में बाइक सवार युवक गिरा, जो पूरी रात वहीं पड़ा रहा और तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई। सौरभ भारद्वाज ने मंत्री आशीष सूद के सुरक्षा के सभी इंतजाम होने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला देते हुए कहा कि बैरिकेडिंग और पर्दे पुलिस के आने के बाद सुबह लगाए गए।

आप की बयानबाजी, भाजपा आक्रामक 
जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से मोटरसाइकिल सवार युवक कमल ध्यानी की मौत पर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली भाजपा परिवार इस दुख की घड़ी में पूरी तरह दिवंगत युवक के परिवार के साथ खड़ा है। पालम से भाजपा विधायक कुलदीप सोलंकी लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में रहे, युवक के इलाज के दौरान हरसंभव सहायता की गई और बाद में उसकी अंत्येष्टि में भी वे स्वयं शामिल हुए। दुर्घटना को लेकर उन्होंने कहा कि नोएडा में हाल ही में हुई घटना के बाद दिल्ली सरकार पहले से ही सतर्क थी और 24 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड ने स्पष्ट सर्कुलर जारी किया था कि सभी खुदाई स्थलों पर पूर्ण बैरिकेडिंग अनिवार्य होगी। सर्कुलर में यह भी साफ किया गया था कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में प्रोजेक्ट इंचार्ज इंजीनियर और ठेकेदार जिम्मेदार होंगे। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष ने कहा कि हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली सरकार में गृह मंत्री आशीष सूद और जल बोर्ड मंत्री प्रवेश साहिब सिंह स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और बैरिकेडिंग को लेकर पूरी जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में मानवीय त्रुटि पाई गई, तो चाहे कोई हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
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खोदाई स्थल के आसपास सुरक्षा के अनिवार्य मानकों का पूर्ण रूप से नहीं किया गया पालन
जनकपुरी स्थित जोगिंदर सिंह मार्ग पर घटनास्थल के निरीक्षण में सामने आया कि पिछले कई महीनों से दिल्ली जल बोर्ड का सीवर लाइन से जुड़ा कार्य चल रहा था। करीब छह मीटर लंबा, चार मीटर चौड़ा और 4.25 मीटर गहरा गड्ढा खोदा गया था। हालांकि सड़क के कुछ हिस्सों पर बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन खुदाई स्थल के आसपास सुरक्षा के अनिवार्य मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं किया गया। 

गड्ढे के बावजूद दुपहिया वाहनों की आवाजाही जारी थी, जबकि ऐसी स्थिति में ट्रैफिक डायवर्ट किया जाना जरूरी था। बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेतों की कमी और रात्रि दृश्यता के लिए रिफ्लेक्टर न होने से यह स्थल आम नागरिकों के लिए जानलेवा बन गया। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब नोएडा में हुए एक समान हादसे के बाद 24 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड ने सभी इंजीनियरों और काम करने वाली एजेंसियों को निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के सख्त पालन को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद जनकपुरी की घटना ने इन आदेशों के जमीनी स्तर पर पालन और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी है। 

कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने सख्त निर्देश जारी किए
कैबिनेट मंत्री प्रवेश वर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश दिए। संबंधित निर्माण कार्य को अंजाम दे रही एजेंसी के विरुद्ध भी जांच शुरू कर दी गई है। दोष सिद्ध होने की स्थिति में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने सहित कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। 

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