सवदा घेवरा में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर केंद्र से हलफनामा तलब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के पास की तीन झुग्गी बस्तियों-भाई राम कैंप, डीआईडी कैंप और मस्जिद कैंप के प्रस्तावित विस्थापन मामले में केंद्र सरकार से सवदा घेवरा स्थित पुनर्वास स्थल पर स्कूलों की स्थिति को लेकर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की खंडपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि तिकरी बॉर्डर के पास स्थित सवदा घेवरा में स्कूल, बिजली, पानी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा प्रभावित होने की आशंका है। इस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार से वहां उपलब्ध स्कूलों की संख्या, शिक्षकों की स्थिति और विस्थापित बच्चों की पढ़ाई की व्यवस्था संबंधी विस्तृत जानकारी मांगी है।
कोर्ट ने डीटीसी और डीएमआरसी को लेकर भी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने बताया कि विस्थापित परिवारों को डीटीसी एक साल का बस पास दे सकती है, जिसे आगे बढ़ाया जा सकता है। वहीं, मेट्रो किराये की प्रतिपूर्ति की व्यवस्था भी की जा सकती है।
केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि अब तक 200 से अधिक लोग नए स्थान पर शिफ्ट हो चुके हैं, जबकि कुछ परिवार अभी तक कब्जा लेने आगे नहीं आए हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 जून को होगी।
गौरतलब है कि 11 मई को सिंगल जज बेंच ने झुग्गियों को हटाने पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए 15 दिन में जगह खाली करने का आदेश दिया था। केंद्र का कहना है कि ये बस्तियां एयर फोर्स स्टेशन के पास संरक्षित क्षेत्र में स्थित हैं, इसलिए सुरक्षा कारणों से इन्हें हटाना जरूरी है। कुल 717 परिवारों के पुनर्वास की योजना बनाई गई है।