ग्रेटर नोएडा के तीन गांवों की 117 बीघा जमीन चकबंदी के नाम पर बंदरबांट करने के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से कार्रवाई रिपोर्ट की मांग की है। कोर्ट ने 18 जुलाई 2014 को इस घोटाले की जांच कर दोषी लोगों पर कार्रवाई का आदेश दिया था। संबंधित अधिकारी अदालत का आदेश दबाए रहे। विवादित भूमि जगनपुर, अफजलपुर और दनकौर गांवों में स्थित हैं।
बोधिसत्व सेवा संस्थान की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरुण टंडन और न्यायमूर्ति सुनीता अग्रवाल की अवकाशकालीन बेंच ने प्रमुख सचिव राजस्व को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर बताने का निर्देश दिया है कि सरकार ने अब तक क्या कार्रवाई की है। सरकारी वकील ने कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की मगर अदालत उससे संतुष्ट नहीं थी। कहा कि 11 माह बीतने के बाद भी अधिकारी अदालत का आदेश दबाए हैं। कार्रवाई के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उपरोक्त तीनों गांवों की ग्राम सभा की 117 बीघा जमीन का चकबंदी के दौरान तमाम लोगों को पट्टा बांट दिया गया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने एक जांच कमेटी बनाकर कार्रवाई करने का आदेश दिया और भूमि ग्राम सभा को वापस करने का निर्देश दिया था।
इस घोटाले में लिप्त अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने सहित विभागीय कार्रवाई का भी निर्देश था। कोर्ट ने कहा था कि जिन लोगों ने कोई लाभ अर्जित किया है उनसे वसूली भी की जाए। एक साल के बाद भी इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।