ऊर्जा राज्य मंत्री यासर शाह रविवार को ऐसे बिजलीघरों का शिलान्यास कर गए, जिनके लिए अभी जमीन तक आवंटित नहीं है। अफसरों ने मंत्री से यह बात छिपाकर शिलान्यास करा लिया। जमीन न होने की जानकारी मिलने पर मंत्री अवाक रह गए।
2016 में गांवों को 16 और शहरों को 18 घंटे सप्लाई देने का सरकार ने लक्ष्य रखा है। इसके लिए बिजलीघर बनाए जाने हैं।
रविवार को अफसरों ने बिना जमीन के ही धारीपुर, बम्हैटा, महाराजपुर, लोहियानगर, खिंदौडा, शास्त्रीनगर, करहैड़ा, मेरठ रोड, अकबरपुर-बहरामपुर, मथुरापुर, मंडौला और डासना के बिजलीघरों का शिलान्यास करा लिया।
इनमें से मात्र चार बिजलीघरों को ही जमीन मिली है बाकी सब प्रोजेक्ट हवा में ही हैं। मंत्री से जब जमीन न होने का सवाल पूछा तो हतप्रभ रह गए।
तत्काल एमडी और चीफ इंजीनियर को तलब जानकारी ली। दोनों अधिकारियों ने जल्द ही जमीन की व्यवस्था होने का भरोसा देने की कोशिश की लेकिन मंत्री ने लिखित जवाब मांगा है।
मामले में ऊर्जा राज्य मंत्री यासर शाह ने बताया कि बिजलीघरों की जमीन न होने के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। जमीन की जल्द व्यवस्था करने और निर्माण शुरू कराने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का क्या होगा?
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 31 मार्च को गाजियाबाद आने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। उन्हें पीवीवीएनएल क्षेत्र के पावर स्टेशनों का शिलान्यास करना है।
अभी जमीन नहीं मिली है। ऐसे में अफसर शिलान्यास को लेकर परेशान हैं। मंत्री की तरह अधिकारी एेसे ही मुख्यमंत्री से भी उद्घाटन तो नहीं करा देंगे। रविवार को अफसरों में यही चर्चा में होती रही।