पाकिस्तान के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक का असर अमृतसर जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ा है। चूंकि अमृतसर बॉर्डर क्षेत्र का इलाका माना जाता है। यहां से लाहौर की दूरी करीब 50 किमी. है। जबकि बाघा बॉर्डर महज 20 किमी. है।
यही कारण है कि दोनों देशों के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए यात्री अभी अमृतसर और बाघा बॉर्डर जाने से बच रहे हैं। बल्लभगढ़ और फरीदाबाद होते हुए अमृतसर जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में सीटें खाली हैं। जानकर हैरानी होगी कि त्योहारी सीजन में जहां पहले गाड़ियों की वेटिंग लिस्ट 250 से 300 तक होती थी, आज वह घटकर 20 तक पहुंच गई है।
जानकारों का कहना है कि जब तक बॉर्डर पर तनाव की स्थिति होगी, लोग अमृतसर कम ही आएंगे। बुधवार को ओल्ड स्टेशन पहुंची 19325 इंदौर अमृतसर एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या न के बराबर थी। अधिकांश कोच खाली दिखाई दिए।
ज्ञात हो कि 18 सितंबर को पाकिस्तानी आतंकियों ने उड़ी सेक्टर में सेना के कैंप पर हमला बोल दिया, जिसमें 19 सैनिक शहीद हो गए। देशभर में पाकिस्तान पर हमला करने के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। केंद्र सरकार ने रणनीति के तहत सेना को खुली कार्रवाई करने का अधिकार दे दिया।