राजधानी में आखों के मरीजों पर भी कोरोना का असर पड़ रहा है। दिल्ली सरकार के गुरु नानक नेत्र अस्पताल में अब रोजाना 25 से 30 मरीजों का आंखों का ऑपरेशन किया जा रहा है। यह संख्या पहले के मुकाबले आधी रह गई है। इसका बड़ा कारण यह है कि लोग संक्रमण के चलते अस्पताल में आने से बच रहे हैं।
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ अनु अरोड़ा ने बताया कि अस्पताल में पहले के मुकाबले मरीजों की संख्या काफी कम हुई है। कोरोना से पहले रोजाना एक हजार के करीब ओपोडी रहती थी, जो अब 300 के करीब रह गई है। साथ ही अस्पताल प्रशासन भी कोरोना से बचाव के नियमों के पालन के चलते ज्यादा मरीजों को नहीं देख रहा है।
डॉ अनु ने कहा कि ओपोडी में इलाज के लिए आने वाले सभी मरीजों के इलाज के लिए सरकार की ओर से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग के हिसाब से ही मरीजों को ओपीडी की कतार में लगाया जाता है। पहले मरीजों की एंटीजन जांच होती है। रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही उन्हें डॉक्टरों के पास भेजा जाता है। डॉक्टर जिन मरीजों को ऑपरेशन की सलाह देते हैं।
ऐसे मरीजों का ऑपरेशन से पहले आरटी-पीसीआर टेस्ट किया जाता है। उन्होंने कहा कि यहां कि कई जांच में कई मरीज कोरोना संक्रमित भी मिले हैं। जिन मरीजों का ऑपरेशन होता है, उन्हें एक दिन में ही छु्ट्टी दे दी जाती है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के दौर में भी अस्पताल के डॉक्टर रोजाना 25 से अधिक मरीजों का ऑपरेशन कर रहे हैं।
कोरोना मरीजों के लिए भी तैयार है अस्पताल
डॉ अनु ने बताया कि सरकार के आदेश पर अस्पताल में 112 बेड कोरोना मरीजों के लिए भी आरक्षित किए गए हैं। अगर संक्रमण के मामले बढ़ते हैं तो अस्पताल में भी मरीजों को भर्ती किया जा सकता है।