यूपी पुलिस के महानिदेशक जावेद अहमद ने मुख्यमंत्री के 100 डायल (ड्रीम प्रोजेक्ट) का रविवार को नोएडा पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने सेक्टर-45 में खड़ी पीआरवी इनोवा चालक और उस पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
इसके बाद वह सेक्टर-14ए स्थित कंट्रोल रूप पहुंचे और निर्देश दिए कि जल्द से जल्द इस सुविधा को जनता को लाभ दिलाया जाए और कम से कम समय में पहुंचकर जनता का विश्वास कायम रखा जाए।
100 डायल योजना मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजैक्ट है। इस योजना को पूरी तरह जनता को समर्पित करने के लिए पुलिस विभाग भी पूरा जोर लगा रहा है। इसी सिलसिले में रविवार को डीजीपी ने अचानक नोएडा के सेक्टर-45 में खड़ी एक इनोवा पीवीआर के चालक और पुलिसकर्मियों से पूछताछ की।
डीजीपी ने वहां मौजूद पुलिस अफसर और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह जनता से संयमित भाषा और मृदुल शब्दों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि 100 डायल योजना में कोई भी शिथिलता न बरती जाए। लोगों को लगे कि पुलिस उनकी मद्द के लिए मौके पर पहुंच रही हैं। उनको हड़काएं कतई नहीं।
उन्होंने एसएसपी धर्मेद्र सिंह को निर्देश दिए कि वह सभी पुलिसकर्मियों को शालीनता का पाठ पढ़ाए। जनता की अधिक से अधिक समस्याओं को जल्द से जल्द निपटाएं। डीजीपी ने कहा कि 100 डायल प्रोजेक्ट केवल इसलिए तैयार किया गया है। जिससे कम से कम समय में पुलिस पीड़ित तक पहुंच सके।
इसके बाद डीजीपी शहर स्थित अपने एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चले गए। इस मौके पर एसपी सिटी दिनेश यादव, एसपी क्राइम विश्वजीत श्रीवास्तव और एसपी ट्रैफिक एवं 100 डायल प्रभारी प्रबल प्रताप सिंह तथा सीओ ग्रेनो प्रथम डॉ. अरुण कुमार सिंह मौजूद रहे।
100 डायल पुलिसकर्मियों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ
डीजीपी ने कहा कि 100 डायल से जुड़े कर्मचारी मधुर भाषा और साफ वर्दी तथा समय से पहुंचकर यूपी पुलिस की छवि सुधारने का काम करेंगे। अभी तक यूपी पुलिस की छवि देर से पहुंचने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के लिए जानी जाती है।
मगर अब यूपी पुलिस की छवि को सुधारने के लिए 100 डायल के कर्मी ही काम करेंगे। रविवार को नोएडा पहुंचकर 100 डायल से जुड़े अफसरों और कर्मचारियों के लिए घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि इस योजना से जुड़े चालकों को अब 360 घंटे के बजाय 300 घंटे ही काम करना होगा। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट से जुड़े पुलिस वालों को वीक ऑफ भी दिया जाएगा और उनको बार्डर स्कीम से बाहर रखा जाएगा।
जिससे इस व्यवस्था को सुदृढ़ रूप से चलाया जा सके। डीजपी ने 100 डायल से जुड़े कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और जल्द ही उनको दूर करने के निर्देश भी दिए। 100 डायल से जुडे़ कर्मचारियों को अतिरिक्त के रूम में इस साल 2000 और अगले साल से 3000 हजार रुपये मिलेंगे। इन कर्मचारियों को उनके मन माफिक थानाक्षेत्र में भी तैनात कराया जाएगा।