अदालत ने पुलिसकर्मियों को ठुल्ला कहने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने वाले कांस्टेबल को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि यह शब्द कहने से किस प्रकार शांतिभंग का खतरा है।
साकेत अदालत स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अनु अग्रवाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए याची कांस्टेबल हरवीर से पूछा कि मुख्यमंत्री ने साक्षात्कार के दौरान पुलिसकर्मियों को ठुल्ला संबंधी टिप्पणी व्यक्तिगत रूप से की है या फिर सामान्य तौर पर। अदालत ने पूछा कि यह टिप्पणी किस प्रकार से अपमान व शांति खराब करने के लिए उकसाने के लिए की गई है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 31 जुलाई तय की है। शिकायतकर्ता कांस्टेबल हरविंदर की और से पेश अधिवक्ता एलएन राव ने तर्क रखा कि केजरीवाल की ठुल्ला संबंधी टिप्पणी पूरी पुलिस फोर्स को हतोत्साहित करने के अलावा शांति भंग करने के लिए उकसाने की प्रक्रिया भी है।