फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट बोला ‘ठुल्ला शब्द से कैसे शांतिभंग को खतरा'

विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने पुलिसकर्मियों को ठुल्ला कहने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने वाले कांस्टेबल को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि यह शब्द कहने से किस प्रकार शांतिभंग का खतरा है।
विज्ञापन


साकेत अदालत स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट अनु अग्रवाल ने याचिका पर सुनवाई करते हुए याची कांस्टेबल हरवीर से पूछा कि मुख्यमंत्री ने साक्षात्कार के दौरान पुलिसकर्मियों को ठुल्ला संबंधी टिप्पणी व्यक्तिगत रूप से की है या फिर सामान्य तौर पर। अदालत ने पूछा कि यह टिप्पणी किस प्रकार से अपमान व शांति खराब करने के लिए उकसाने के लिए की गई है।

अदालत ने मामले की सुनवाई 31 जुलाई तय की है। शिकायतकर्ता कांस्टेबल हरविंदर की और से पेश अधिवक्ता एलएन राव ने तर्क रखा कि केजरीवाल की ठुल्ला संबंधी टिप्पणी पूरी पुलिस फोर्स को हतोत्साहित करने के अलावा शांति भंग करने के लिए उकसाने की प्रक्रिया भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिसकर्मियों के बीच अनावश्यक उत्तेजना का कारण बनी है टिप्पणी

उन्होंने जानबूझ कर पूरे पुलिस बल का अपमान किया। यह टिप्पणी पुलिसकर्मियों के बीच अनावश्यक उत्तेजना और असंतोष का कारण बनी है। हरवीर ने 22 जुलाई को केजरीवाल के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की थी।

उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जानबूझ कर पूरी दिल्ली पुलिस फोर्स का अपमान करने व उनको उत्तेजित करने के लिए इस प्रकार की टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री भारत की राजधानी के मुख्यमंत्री पद पर है और यह पद संवैधानिक पद है।

ऐसे में उनके द्वारा इस प्रकार ठुल्ला कहने से आम लोगों की नजर में पुलिस के प्रति गलत प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री द्वारा पुलिसकर्मियों के प्रति इस तरह के अपमानजनक शब्द का उपयोग करना सभी प्रकार की शालीनता की हदें पार कर गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें