दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के ईडी की याचिका पर जवाब ना दाखिल करने पर अंसतोष जताया। अदालत ने मामले को दो अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया है।
ईडी ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोप मुक्त आदेश में एजेंसी के खिलाफ की गई अनुचित टिप्पणियों को हटाने की मांग की है। न्यायमूर्ति ने कहा कि वे इस मामले में अगली सुनवाई पर यानी 2 अप्रैल को अंतिम सुनवाई की तारीख तय करेगी।
न्यायाधीश ने कहा कि मुझे नहीं पता कि आप जवाब क्यों नहीं दाखिल कर रहे हैं। अगर आपको लगता है कि आपको जवाब दाखिल करना चाहिए तो आपको पहले ही दाखिल कर देना चाहिए था। वे केवल कह रहे हैं कि जज को वह नहीं लिखना चाहिए था जो उन्होंने लिखा है।
ईडी ने ट्रायल कोर्ट के 27 फरवरी के आदेश में दर्ज कुछ टिप्पणियों को हटाने की मांग की है, जिनमें एजेंसी पर आरोप लगाए गए थे कि वह कई मामलों में जांच पूरी होने से पहले ही अभियोजन शिकायत दाखिल कर देती है, ताकि डिफॉल्ट जमानत से बचा जा सके। ईडी का कहना है कि ये टिप्पणियां अनावश्यक, व्यापक और अनुचित हैं, क्योंकि एजेंसी उस कार्यवाही में पक्षकार भी नहीं थी।
ट्रायल कोर्ट ने सीबीआई जांच के दिल्ली आबकारी नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया था। ईडी की याचिका के साथ ही सीबीआई की उस याचिका पर भी सुनवाई हो रही है, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आरोपमुक्ति आदेश को चुनौती दी गई है।
कोर्ट ने पहले ही ईडी की याचिका पर नोटिस जारी कर केजरीवाल, सिसोदिया और अन्य से जवाब मांगा था। इस मामले में आगे की सुनवाई 2 अप्रैल को होगी, जब कोर्ट अंतिम सुनवाई की तारीख तय कर सकती है।