सेक्टर-55 स्थित कम्युनिटी सेंटर में 10 अक्तूबर को शादी का मंडप सज चुका था। वधु लाल जोड़े में अपने जीवन साथी का इंतजार कर रही थी। वधु पक्ष के लोग बारात का स्वागत करने के लिए प्रवेश द्वार पर माला लिए खड़े थे।
अचानक लड़की के पिता के मोबाइल की घंटी बजती है। उनसे वर पक्ष कहता है कि यह बारात तभी आपके द्वार पहुंचेगी, जब उन्हें बतौर दहेज 10 लाख रुपये और सेडान क्लास की लक्जरी गाड़ी दी जाएगी।
वधु पक्ष द्वारा मांग पूरी करने में असमर्थता जताने पर वर पक्ष ने शादी तोड़ दी और बारात द्वार पर नहीं पहुंची। इससे दुल्हन के सब्र का बांध टूट गया और उसने पुलिस से शिकायत की।
मामले की जांच करने के बाद उसे महिला थाने को ट्रांसफर कर दिया गया। एसपी सिटी दिनेश यादव ने कहा कि लड़की की शिकायत पर महिला थाने में दूल्हे और उसके पिता समेत आठ लोगों के खिलाफ दहेज अधिनियम व मानहानि की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
शादी के दिन अचानक दहेज में मांगी लग्जरी कार
पुलिस
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बताया गया है कि दोनों ही परिवार मूल रूप से पौढ़ी गढ़वाल, उत्तराखंड के रहने वाले हैं। सेक्टर-55 निवासी रीना (परिवर्तित नाम) एनएसईजेड स्थित एक एमएनसी में प्रोडक्शन हेड है।
14 अप्रैल को रीना की सगाई सेक्टर-12 वसुंधरा, गाजियाबाद निवासी विकास बिजलवान से हुई। विकास दिल्ली स्थित एक पैथालॉजी में लैब तकनीशियन है। रीना के पिता ने बताया कि वर पक्ष ने शादी के दिन अचानक 10 लाख रुपये और सेडान क्लास की कार की मांग कर दी। उन्होंने दहेज की मांग पूरी होने पर ही बारात लाने की बात कही।
दहेज का इंतजाम करने के लिए लड़की के पिता ने सगे संबंधियों से बात की, लेकिन रास्ता नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने वर पक्ष से कहा कि वे बारात लेकर आ जाएं नहीं तो उनकी बदनामी हो जाएगी, लेकिन वर पक्ष नहीं माना और शादी तोड़ दी।