कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक दवा निर्माता कंपनी बुखार में दिए जाने वाला नकली एंटीबायोटिक कैप्सूल बना रही थी। लखनऊ में शक होने पर कमिश्नर ने इनकी जांच के आदेश दिए थे।
पिछले सप्ताह लिए गए कैप्सूल के तैयार और कच्चे माल के सभी नौ सैंपल नकली मिले हैं। कंपनी का करीब दो लाख रुपये का कच्चा माल सीज कर इसेे बंद करा दिया है। साथ ही छह अन्य दवा निर्माता कंपनियों को भी नोटिस जारी किया है।
बुखार के प्रकोप का फायदा उठाकर कई दवा कंपनियां नकली और मिलावटी दवाओं का उत्पादन और बिक्री कर रही हैं। फूड सेफ्टी एंड ड्रग डिपार्टमेंट के कमिश्नर बीके सिंह को पिछले सप्ताह लखनऊ में कुछ दवाओं की गुणवत्ता संदिग्ध होने की जानकारी मिली थी।
उन्होंने 16 सितंबर को इनकी जांच के आदेश दिए थे। ड्रग इंस्पेक्टर राजेश श्रीवास्तव और विवेक कुमार ने बताया कि कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एसजीएस फार्मास्यूटिकल्स फैक्ट्री पर छापा मारा गया था।
यहां से बुखार की एंटीबायोटिक दवा क्लोरोमफेनीकाल के सात सैंपल लिए थे। कैप्सूल को बनाने के साल्ट (कच्चा माल- बेस केमिकल) के भी दो सैंपल लिए गए।
जांच रिपोर्ट देखकर अफसरों में हड़कंप मच गया। कच्चा माल और कैप्सूल सभी नौ सैंपल नकली मिले। रिपोर्ट आने पर शनिवार शाम अफसर फैक्ट्री पहुंचे तो माल गायब था।
कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया में ई-13/1 स्थित दवा कंपनी एसजीएस फार्मास्यूटिकल्स के क्लोरोमफेनीकाल कैप्सूल और बेस केमिकल जांच में नकली मिले हैं। इनकी सप्लाई यूपी केसभी जिलों के साथ ही उत्तराखंड, दिल्ली और हरियाणा आदि राज्यों में की जा रही थी। कंपनी को सीज कर दिया गया है। अन्य छह कंपनियों में जांच रिपोर्ट आने तक काम बंद करा दिया है। इसकी सूचना डीएम और सीजेएम को दे दी गई है। - राजेश श्रीवास्तव, ड्रग इंस्पेक्टर।