राजधानी के लोगों की सहूलियत के लिए केंद्र सरकार ने एक साथ कई योजनाओं का ऐलान किया है। दिल्ली के पांच बड़े प्रोजेक्ट की राह का रोड़ा अब बजट नहीं बनेगा।
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केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इसके लिए 658 करोड़ रुपयों की मंजूरी दे दी है। वहीं, अस्पताल, पार्क आदि नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए सस्ती दर पर जमीन मिल सकेगी।
सोमवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने मीडिया को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पांचों प्रोजेक्ट के लिए फंड का इंतजाम शहरी विकास कोष (यूडीएफ) से किया गया है।
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दूसरी ओर, दिल्ली सरकार की तरफ से विकास कार्यों के लिए जारी होने वाले विज्ञापनों पर नायडू ने तंज कसा कि वह विज्ञापन जारी करते हैं, जबकि हम विकास कार्य करते हैं।
दिल्ली के पांच बड़े प्रोजेक्ट को मिलेगी गति
- फोटो : FILE
महिपालपुर फ्लाईओवर व अंडरपास
दक्षिण दिल्ली, गुड़गांव और फरीदाबाद से एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए हनुमान मंदिर के नजदीक महिपालपुर क्रासिंग पर फ्लाईओवर और अंडरपास बनेगा। इससे एनएच-8 पर जाम नहीं लगेगा।
आम लोग एयरसिटी होते हुए आसानी से एयरपोर्ट की तरफ निकल सकेंगे। खास बात यह है कि महरौली रोड व महिपालपुर बाईपास की क्रासिंग भी प्रोजेक्ट का हिस्सा होगी। इससे इस चौक पर भी जाम नहीं लगेगा। वेंकैया नायडू के मुताबिक, प्रोजेक्ट पर करीब 188 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें से 80 फीसदी यानी 150.40 करोड़ रुपये की रकम शहरी विकास मंत्रालय देगा।
एफसीआई गोदाम पर रेलवे ओवर ब्रिज
एनएच-1 से बवाना के बीच बन रही सड़क के बीच रेलवे दिल्ली-केराना रेलवे लाइन गुजरती है। इससे एफसीआई गोदाम के नजदीक भारी जाम लगता है। इससे राहत दिलाने के लिए नरेला के निकट फ्लाईओवर-सह-सड़क ओवरब्रिज का निर्माण किया जाएगा। जिससे बवाना औद्योगिक परिसर का सीधे एनएच-1 से संपर्क हो सके।
रानी झांसी रोड ग्रेड सेपरेटर में बजट नहीं बनेगा रोडा
पुरानी दिल्ली को नई दिल्ली से जोड़ने वाली रानी झांसी रोड पर एमसीडी ग्रेड सेपरेटर बना रही है। करीब 1.6 किलोमीटर लंबा सिग्नल फ्री कॉरिडोर तैयार होने के बाद आवाजाही आसान हो जाएगी।
वेंकैया नायडू ने बताया कि दिल्ली विकास प्राधिकरण की तरफ से संस्थागत उद्देश्यों के लिए सस्ती दरों पर जमीन आवंटित की जाएगी। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, मसलन चिकित्सा संस्थानों, अस्पतालों, औषधालयों के लिए अब एक रुपये सालाना की दर से जमीन मिलेगी। दूसरी सुविधाओं के लिए भी जमीन के रेट घटाए गए हैं।
-मातृत्व केंद्रों, रैन बसेरों और अनाथालयों आदि के लिए भी भूमि आवंटन दर 50 प्रतिशत (बिना लाभ-हानि) से घटाकर 1 रुपये सालाना कर दी गई है।
- डीटीसी डिपो और सरकारी कार्यालयों के लिए भूमि की वाणिज्यिक दर से घटाकर बिना लाभ हानि के फार्मूले पर कर दिया गया है। लिहाजा अभी तक 1.82 लाख रुपये से 6.72 लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मिलने वाली जमीन अब 11,745 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया गया है।
-दिल्ली सरकार व नगर निगम के स्कूलों व अस्पतालों के लिये स्टॉफ क्वार्टर के लिए आवंटित जमीन की दरें 10 फीसदी से घटाकर 1 रुपये सालाना कर दी गई है। फिलहाल, यह दरें 31,000 से 75700 रुपये प्रति वर्ग मीटर के बीच थी।
-दिल्ली सरकार के कार्यालयों के लिए जमीन की दरों को बाजार दर से घटाकर जोनल दरों पर कर दिया है। लिहाजा, अभी तक जो दरें 1.82 लाख रुपये से 6.72 लाख रुपये के बीच थी, अब 23,490 रुपये से 52,853 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मिलेंगी।
-सड़कों, कब्रिस्तानों और शमशानों, खेल के मैदानों, पार्कों, जल आपूर्ति तथा जल निकासी के लिए भी जमीन मौजूदा 1 रुपये सालाना के नाममात्र शुल्क पर आवंटित होगी।