मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकारी अधिकारी निडरता से दिल्ली में काम करें। हम और पूरा सदन आपके साथ है। मजाल नहीं कि केंद्र सरकार नजर उठा कर भी देख सके।
हम तनख्वाह देंगे। सदन क्षमता रखती है कि अपने सरकारी अधिकारियों को तनख्वाह दे। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कहा कि अधिकारियों व केजरीवाल सरकार में भी कोई टकराव नहीं है। हमें पता है कि राजनीति के ये दो पहिए हैं। सरकार अधिकारी को यह सदन आश्वस्त करती है कि वे दिल्ली में ऊर्जावान व ईमानदारी से काम करें।
दरअसल सरकारी कर्मचारियों को तनख्वाह बंद करने की मांग सदन में ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने उठाई थी। तर्क था कि जब अधिकारियों की नियुक्ति केंद्र सरकार करेगी तो फिर दिल्ली सरकार उन्हें तनख्वाह क्यों देगी।
इस पर विपक्ष ने विवाद भी खड़ा किया। भाजपा विधायक ओपी शर्मा ने तो यहां तक कहा कि क्या आप उपराज्यपाल की सैलरी भी रोक लेंगे।