सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र में एक माह पूर्व तीन युवकों पर युवती से गैंगरेप का आरोप जांच के दौरान फर्जी पाया गया। छानबीन करने पर पता चला कि केस में नामजद कराए दो युवक वारदात वाले दिन वैष्णो देवी के दर्शन करने गए थे, वहीं एक युवक की 15 फरवरी को शादी थी।
इसके चलते पंचायत ने आरोपी और युवती के परिजन में समझौता करा दिया। आरोप है कि अब आरोप है कि अब एक पुलिसकर्मी आरोपी पक्ष से 70 हजार रुपये की मांग कर रहा है और नहीं देने पर जेल भेेजने की धमकी दे रहा है।
सोमवार को नामजद पक्ष ने एसपी देहात सुजाता सिंह से मिलकर उन्हें पूरी बात बताई। एसपी देहात ने गैंगरेप की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले पक्ष पर रिपोर्ट दर्ज करने और घूस मांगने वाले पुलिसकर्मी की जांच के आदेश दिए हैं।
लगभग एक माह पहले सूरजपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती ने गांव के ही तीन युवकों पर अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने जब मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि घटना के दौरान नामजद कराए गए युवकों में से दो गांव में थे ही नहीं, वे वैष्णो देवी के दर्शन करने गए थे। वहीं एक युवक की
15 फरवरी को शादी थी। इसके चलते दोनों पक्षों की पंचायत हुई। समझौता के तहत युवक के घर वालों ने युवती के परिजन को एक लाख दिए। पुलिस को भी 82 हजार रुपये देने पड़े।
सोमवार को नामजद पक्ष के लोगों ने एसपी देहात सुजाता सिंह से मिलकर रिपोर्ट दर्ज कराने वालेे पक्ष व पुलिस को रुपये देने की जानकारी दी। युवक के परिजन ने बताया कि समझौते के बाद भी एक पुलिसकर्मी उनसे 70 हजार रुपये मांग रहा है और नहीं देने पर जेल भेेजने की धमकी दे रहा है।