- दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र का आश्वासन, मस्जिद में नमाजियों के प्रवेश पर रोक जारी रहेगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट में रेस कोर्स मस्जिद को तोड़े जाने की आशंका के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र सरकार ने गुरुवार को आश्वासन दिया कि फिलहाल मस्जिद के खिलाफ कोई तोड़फोड़ या विध्वंस की कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, मस्जिद में नमाज अदा करने वालों के प्रवेश पर रोक जारी रहेगी। अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए दिसंबर में सूचीबद्ध किया है।
याचिकाकर्ता सैयद अहमद सौद ने मस्जिद को सुरक्षा देने, प्रवेश और निकास में आ रही बाधाएं हटाने तथा दिल्ली वक्फ बोर्ड की निष्क्रियता के खिलाफ अदालत का रुख किया था। यह मस्जिद प्रधानमंत्री आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) के पास रेस कोर्स क्लब परिसर में स्थित है। याचिका के अनुसार, 1977 की अधिसूचना के तहत मस्जिद वक्फ संपत्ति है। वर्ष 2009 में इसे ग्रेड-II विरासत संरचना का दर्जा भी दिया गया था।
बिजली-पानी काटने का भी आरोप :
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड की ओर से दिए गए प्रतिनिधित्व पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। तब तक मस्जिद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
याचिका में आरोप लगाया गया कि अक्टूबर की शुरुआत में आसपास की झुग्गी बस्तियों को हटाने के दौरान मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति काट दी गई थी। अधिकारियों ने क्षेत्र में सफाई अभियान और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था।
न्यायमूर्ति अनीश दयाल की अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने मस्जिद पर तत्काल खतरा होने और वक्फ बोर्ड द्वारा अपने वैधानिक दायित्वों का पालन नहीं करने की दलील दी। वहीं, केंद्र सरकार ने याचिकाकर्ता के याचिका दाखिल करने के अधिकार पर सवाल उठाया। फिलहाल मस्जिद में नमाजियों के प्रवेश पर प्रतिबंध जारी रहेगा।