जाफरपुर कलां के झुलझुली गांव में बिजली चोरी रोकने गई बीएसईएस की इंफोर्समेंट टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। बचने के लिए टीम वैगनआर कार पर सवार होकर भागने लगी। बाइक सवार कुछ युवकों ने कार का पीछा किया। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर पलट गई।
हादसे में इंजीनियर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य चार लोग जख्मी हो गए। घायलों को द्वारका स्थित वेंकटेश्वर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बीएसईएस की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मृत इंजीनियर की पहचान अभिमन्यू सिंह (32) के रूप में हुई है। वहीं घायलों की पहचान भीम सिंह नेगी, योगेंद्र यादव, शाहरुख व कार चालक वसीम के रूप में की गई।
सुभाष नगर स्थित बीएसईएस कार्यालय से तीन गाड़ियों में सवार होकर इंफोर्समेंट टीम सुबह 11 बजे झुलझुली गांव पहुंची।
टीम के साथ 26 पुलिसकर्मी भी शामिल थे। गांव में पहुंचने के बाद टीम ने छापेमारी शुरू कर दी। इस दौरान कुछ युवक उग्र हो गये और लोगों को भड़काने लगे। लोगों के आवेश में आकर हमला करने पर टीम में शामिल कर्मचारी अपनी-अपनी कार में सवार होकर भागने लगे। इनका गांव के युवकों ने पीछा करना शुरू कर दिया।
बताया जा रहा है कि वैगन आर पर एक बुलेट सवार युवक ने हमला कर दिया। जिससे कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराकर पलट गई। सूचना मिलते ही पुलिस व बीएसईएस की टीम मौके पर पहुंची और कार में फंसे लोगों को निकालकर राव तुलाराम अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने सहायक इंजीनियर अमिमन्यू को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य घायलों को निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
बीएसईएस कर्मियों की शिकायत है कि जब टीम पर हमला किया गया, उससे पूर्व ही पुलिस वहां से चली गई। उनका आरोप है कि जब टीम की कार गांव से निकल रही थी, इससे पूर्व ही पुलिस की जिप्सी वहां से बाहर निकल गई थी।
उसके बाद काफी संख्या में युवक बाइक से टीम का पीछा करने लगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टीम का किसी ने पीछा किया है तो इसकी जांच की जाएगी। हालांकि टीम के निकलने तक पुलिस उनके साथ मौजूद थी।
बीएसईएस में तीन साल से थे सहायक इंजीनियर
सड़क हादसे में मृत सहायक इंजीनियर अभिमन्यू बिहार के मुंगेर के रहने वाले थे। वह तीन साल से बीएसईएस में काम कर रहे थे और सुभाष नगर में अपने दोस्तों के साथ रहते थे। अभिमन्यू गांव से सबसे अंत में निकलने वाली वैगन आर कार में मौजूद थे।
आशंका जतायी जा रही है कि हमला करने वालों को लगा कि इसी कार में वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर मौजूद हैं। जिन्होंने मौके पर वीडियो और फोटोग्राफ लिए थे। जिसके आधार पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाती।