ट्रैफिक पुलिस ने शासन को एक्सीडेंट और डेथ प्वाइंट की रिपोर्ट भेजी है, जिसमें मोहननगर चौराहा सबसे खूनी है। यह रिपोर्ट पिछले पांच सालों में हुई सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है।
इस दौरान 4425 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 1866 लोगों की मौत हुई है और 3385 लोग जख्मी हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा 452 सड़क दुर्घटनाएं मोहननगर चौराहे और उसके आसपास हुईं, जिनमें 176 लोगों की मौत हुई और 238 लोग घायल हुए।
अभी तक एनएच-24 पर एबीईएस कट-विजनगर बाईपास-लालकुआं रोड सबसे खूनी था। हादसों और जाम से बचने के लिए मोहननगर चौराहे को पिछले दिनों सिग्नल फ्री कर दिया गया था।
मगर 24 घंटे के अंदर ही सिग्नल फ्री करने के निर्देश वापस लेने पड़े थे और पुराने ढर्रे पर ही ट्रैफिक चलाने की इजाजत देनी पड़ी थी। मोहनगर चौराहे से हर रोज लाखों वाहन गुजरते हैं।
ये हैं नए एक्सीडेंट प्वाइंट
1- मोहननगर चौराहा
2- अर्थला पीर के पास
3- भोपुरा चौराहा
4- करहेड़ा कट
5- एबीईएस कट
6- रेलवे रोड चौराहा
7- इंद्रापुरी
8- आराधना तिराहा
9- गंगनहर के पास
10- पसौंडा पुलिस
पांच सालों में हुए एक्सीडेंट
साल-दुर्घटनाएं-मौत-घायल
2011-1109-535-817
2012-850-378-710
2013-881-399-677
2014-897-387-647
2015-360-167-263
(नोट-2015 के आंकड़े जून माह तक के हैं।)