सेक्टर-71 चौराहा शहर का सबसे बड़ा ट्रैफिक जंक्शन बनने जा रहा है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा और सेक्टर-62 मेट्रो शुरू होने के बाद जाम से बेहाल रहने वाले इस चौराहे पर हालात और बिगड़ जाएंगे। इससे चिंतित ट्रैफिक पुलिस ने नोएडा प्राधिकरण को सड़क चौड़ीकरण का सुझाव दिया है। इस पर जल्द काम शुरू करने की तैयारी है। चौराहे पर ग्रीन बेल्ट के रूप में खाली पड़ी जगह का इस्तेमाल कर चौड़ाई दो लेन तक बढ़ाई जाएगी।
मास्टर प्लान रोड नंबर-3 के जरिये नोएडा को गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा वेस्ट से जोड़ने वाले सेक्टर-71 चौराहे पर वर्तमान में जाम की स्थिति रहती है। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों की मानें तो यह चौराहा काफी पुराना है। साल दर साल ट्रैफिक का दबाव तो बढ़ता गया, लेकिन जाम से निपटने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। चौराहे से भंगेल, होशियारपुर, ग्रेनो वेस्ट और एनएच-24 की तरफ जाने वाले रास्ते संकरे होने के कारण सुबह-शाम पीक टाइम में जाम जैसे हालात बने रहते हैं। ट्रैफिक सिग्नल पर लंबी लाइन लग जाती है। नोएडा प्राधिकरण चौराहे पर अंडरपास बनाने की तैयारी में जुटा है, लेकिन इसके तैयार होने तक जाम से निपटने के लिए अस्थायी विकल्प आजमाने की तैयारी है।
मेट्रो शुरू होने पर बिगड़ेंगे हालात
नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो लाइन और सिटी सेंटर से सेक्टर-62 के बीच मेट्रो का विस्तार इसी चौराहे से होकर किया जा रहा है। साल के अंत तक दोनों मेट्रो परियोजनाएं शुरू हो जाएंगी। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, मेट्रो इंटरचेंज बनने के बाद इस चौराहे के स्टेशन से चार से पांच मिनट की मेट्रो सेवा होगी। इससे वाहनों का दबाव बढ़ जाएगा। आसपास पड़ने वाले सेक्टर-53, 61, 71, 72, 73, 119, 120, 121, 122, गांव पर्थला, सर्फाबाद, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, गौड़ सिटी, छिजारसी, शाहबेरी, क्रॉसिंग रिपब्लिक, बिसरख और सूरजपुर आदि स्थानों पर जाने वाले लोग किसी न किसी यातायात साधन से ही आएंगे। अनुमान है कि यहां से करीब 50 बसें, 300 से 400 ऑटो और सैकड़ों कैब संचालित होंगी। चौराहे पर यातायात का दबाव बढ़ेगा, जबकि इससे निपटने के लिए पार्किंग और स्टैंड की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में समय रहते प्लानिंग नहीं की गई तो आने वाले दिनों में लोगों को जाम की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ेगा।
सेक्टर-71 चौराहे के चौड़ीकरण के अलावा जाम से निपटने का कोई विकल्प नहीं है। फिलहाल चौराहे के कटों पर दो लेन में आकर ट्रैफिक फंस जाता है। जाम से निपटने के लिए चौराहे की प्लानिंग दोबारा करनी होगी। चौराहे पर इतनी खाली जगह है कि कट चौड़े किए जा सकें। इससे दो लेन की सड़क तीन से चार लेन हो जाएगी।
- अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक