स्वास्थ्य मंत्रालय ने सफदरजंग, आरएमएल और लेडी हार्डिंग अस्पताल से दो साल का रिकॉर्ड मांगा
छुट्टियों में 50 प्रतिशत फैकल्टी की मौजूदगी में व्यवस्थाओं का होगा आकलन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी के बड़े सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉक्टरों की उपलब्धता और अस्पतालों के कामकाज की समीक्षा शुरू की है। इसके तहत मंत्रालय ने सफदरजंग अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों से पिछले दो वर्षों का रिकॉर्ड मांगा है।
अस्पतालों से वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान हर महीने की ओपीडी, मरीजों के दाखिले, आईसीयू में भर्ती मरीजों और की गई सर्जरी का ब्योरा मांगा गया है। साथ ही गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों की संख्या की जानकारी भी मांगी गई है।
मंत्रालय की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति आकलन करेगी कि छुट्टियों के दौरान 50 प्रतिशत फैकल्टी की मौजूदगी में इलाज, ओपीडी और ऑपरेशन की व्यवस्था कितनी सुचारू रहती है। समिति डॉक्टरों की शैक्षणिक छुट्टियों, अवकाश के कारणों, अवधि और छुट्टी के बाद की शोध एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का भी ब्योरा जुटाएगी। समिति की पहली बैठक 31 अगस्त को हुई थी। इसके बाद 28 अक्तूबर को आरएमएल प्रशासन ने सभी क्लिनिकल विभागाध्यक्षों को दो दिन में सत्यापित आंकड़े जमा करने का निर्देश दिया।