कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी मास्क नहीं पहनने वालों पर लगने वाले जुर्माने की राशि में भी फर्क है। महज चंद कदमों की दूरी पर मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना 10 गुना अधिक महंगा पड़ सकता है। मेट्रो परिसर के अंदर मास्क की अनदेखी पर 200 रुपये, जबकि बस स्टॉप, मार्केट या सड़कों पर मास्क नहीं पहनने पर 2000 रुपये का जुर्माना होगा। थोड़ी भी चूक होने पर भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की अनिवार्यता की वजह से जुर्माने से बचने के लिए इन नियमों को आदत में शामिल करने की जरूरत है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने लॉकडाउन में जब दोबारा मेट्रो सेवा की शुरुआत की, तो सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन, मास्क पहनने सहित संक्रमण से बचाव के लिए नियमों को सख्ती से लागू किया गया। कोविड से बचाव के लिए नियमों का पालन नहीं करने पर मेट्रो ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस एक्ट-2002 (ओएंडएम एक्ट) के तहत 200 रुपये का जुर्माना किए जाने का प्रावधान है। उधर, मेट्रो परिसर से बाहर कोविड प्रोटोकॉल की अनदेखी पर दिल्ली सरकार ने हाल ही में जुर्माने की राशि 2000 रुपये कर दी है।
पकड़े जाने पर बनाते हैं बहाने
मेट्रो परिसर में तकरीबन सभी यात्री मास्क लगाते हैं, अगर कुछ यात्रियों के चेहरे से हट जाए तो उन्हें तत्काल हिदायत दी जाती है, लेकिन मार्केट, बस स्टॉप, बस अड्डा और रेलवे स्टेशन के बाहर अगर कोई पकड़ा जाए तो अक्सर खाने-पीने का बहाना बना लेते हैं।
कतार में भी नियमों की अनदेखी
राजीव चौक, चावड़ी बाजार, कश्मीरी गेट सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों के बाहर खासतौर पर सुबह और शाम के वक्त अधिक भीड़ होती है। ऐसे में यात्रा करने के लिए लंबी कतार भी होती है, जहां अक्सर नियमों की अनदेखी की जाती है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न के बराबर होता है। कभी-कभी बगैर मास्क भी यात्री लाइन में खड़े होते हैं, लेकिन सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी न होने की वजह से लोगों की तरफ से नियमों की अभी भी अनदेखी की जा रही है।