राजधानी के दिल चांदनी चौक में स्थित 160 वर्ष पुराने ऐतिहासिक टाउन हॉल को अब नई पहचान देने की तैयारी है। एमसीडी इस ग्रेड-1 हेरिटेज भवन को संरक्षित रखते हुए इसे आधुनिक ‘इमर्सिव म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर’ में बदलने जा रही है।
खास बात यह है कि इस पूरे प्रोजेक्ट में एमसीडी पर कोई पूंजीगत खर्च नहीं आएगा। इस संबंध में एमसीडी ने योजना तैयार की है और वह इसे दिल्ली सरकार के दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम की मदद से अमली जामा पहनाएगी।
वर्ष 1861-66 के बीच बने इस भवन ने 1866 से 2012 तक नगर निगम मुख्यालय के रूप में काम किया, लेकिन पिछले 14 वर्षों से यह इमारत लगभग खाली पड़ी है। अब एमसीडी इसे दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक तकनीक का संगम बनाकर जनता के लिए खोलने की योजना बनाई है।
एमसीडी ने इस प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम को नामित एजेंसी बनाने का निर्णय लिया है। दरअसल उसने टाउन हॉल इमर्सिव म्यूजियम का कॉन्सेप्ट तैयार किया है, जिसे राष्ट्रीय स्तर की ‘टूरिज्म डेस्टिनेशन’ योजना के तहत विकसित करने की तैयारी है।
एमसीडी के मुताबिक यहां दिल्ली और शाहजहानाबाद के इतिहास पर आधारित इंटरएक्टिव म्यूजियम, डिजिटल गैलरी, आर्काइव और मल्टीमीडिया डिस्प्ले, गाइडेड वॉक, शैक्षणिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक आयोजन, हेरिटेज रिटेल, हस्तशिल्प और फूड एंड बेवरेज जोन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यह केवल इमारत नहीं बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र बन सके।
यह योजना ‘डिवेलप-ऑपरेट-मेंटेन’ मॉडल पर लागू होगी, जिसमें एमसीडी मालिकाना हक अपने पास रखेगी, निजी कंसेशनायर संचालन और निवेश करेगा, आय के स्रोत टिकट, इवेंट, रिटेल और फूड सर्विस होंगे। इससे उसको बिना निवेश किए स्थायी राजस्व मिलेगा।
योजना को 36 महीने में तैयार करने का लक्ष्य रखा है। पहले चरण में सर्वे, कंजरवेशन प्लान और डीपीआर तैयार होगी, दूसरे चरण में संरचना का संरक्षण और सुधार, तीसरे चरण में म्यूजियम और सुविधाओं का विकास व चौथे चरण में पब्लिक लॉन्च और संचालन शुरू होगा। एमसीडी का मानना है कि इस परियोजना से चांदनी चौक में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।