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गुरुग्राम की 15 लाख की आबादी के लिए रात और दिन दोनों में होंगे अलग-अलग थाना प्रभारी

Thu, 09 Mar 2017 07:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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file photo - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली की तर्ज पर साइबर सिटी में भी दिन व रात के अलग-अलग थाना प्रभारी की व्यवस्था जल्द लागू हो सकती है। इस पर पुलिस के आला अधिकारी विचार कर रहे हैं। इसके बाद थाना प्रभारी का बोझ कुछ कम होगा और उसे भी आराम मिल सकेगा।्र
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गुरुग्राम में करीब 15 लाख आबादी की सुरक्षा के लिए 28 थाने हैं। इन थानों में लगातार अपराध दर्ज होने की संख्या में इजाफा हो रहा है। भागमभाम वाले इस शहर में विभिन्न श्रेणी के अपराधों में इजाफा हो रहा है, जिससे थाना प्रभारी पर भी काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

यहां पर काफी संख्या में ऐसे संस्थान व प्रतिष्ठान हैं, जिनमें रात में भी काम होता है। ऐसे में अन्य शहरों के मुकाबले यहां पुलिस पर सुरक्षा की जिम्मेदारी अधिक है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार, शहर के सभी थानों में एक-एक थाना प्रभारी है, जबकि सभी थानों में एक-एक अतिरिक्त थाना प्रभारी भी लगाए गए हैं, लेकिन इस व्यवस्था से पूरी तरह जिम्मेदारी के साथ काम नहीं हो पाता।
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दिन के प्रभारी की ड्यूटी खत्म होने के बाद वह अपने परिवार के साथ बिना किसी काम के बोझ के रह सकेगा

file photo - फोटो : अमर उजाला
​अतिरिक्त थाना प्रभारी के पास अधिकार कम होते हैं। ऐसे में एक और थाना प्रभारी की जरूरत समझी जा रही है। इसके अलावा थानों में थाना प्रभारी के अलावा एक-एक निरीक्षक भी है।

यदि पुलिस की नई व्यवस्था सिरे चढ़ी तो दिन व रात के समय थानों में अलग-अलग प्रभारी होंगे। इसका फायदा यह होगा कि दिन के प्रभारी की ड्यूटी खत्म होने के बाद वह अपने परिवार के साथ बिना किसी काम के बोझ के रह सकेगा और उनकी जरूरतों का भी ध्यान रख सकेगा।

रात व दिन के प्रभारियों को समान पॉवर होने से काम का बोझ भी कम होगा और वह ठीक प्रकार से लोगों के साथ न्याय कर सकेंगे। इससे थाने में माहौल भी सुधरेगा।

थानों में अलग-अलग थाना प्रभारी की व्यवस्था किए जाने से वाकई प्रभारी का बोझ कुछ कम होगा। दिल्ली में एक थाने में तीन-तीन इंस्पेक्टर लगे हुए हैं। यहां भी ऐसी व्यवस्था करने पर आला अधिकारियों से विचार जा रहा है।
-सिमरदीप सिंह, डीसीपी मुख्यालय, गुरुग्राम
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