सूत्र बताते हैं कि गुप्तचर विभाग की टीम तथा जांच एजेंसी ने मेवात की उन मस्जिदों की जांच शुरू कर दी है, जिनका निर्माण पिछले चार-पांच सालों में हुआ है तथा आज भी चल रहा है। इस बात की जांच की जा रही है कि इनके निर्माण में लगने वाला पैसा कहां से आ रहा है। इसके अलावा मस्जिद निर्माण में जुटे हुए उन लोगों की भी जांच की जा रही है जो महीने-दो महीने में किसी न किसी काम के बहाने विदेश जा रहे हैं।
इस प्रकरण के बाद एनआईए ने पलवल जिले के उटावड व आसपास के क्षेत्र में पिछले दो साल में कितने पासपोर्ट बनाए गए हैं, उनकी जांच शुरू कर दी है। उटावड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बहीन थाना पुलिस की माने तो 2017 में 774 व 2018 में अब तक 510 पासपोर्ट बन चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार गुप्तचर व जांच एजेंसी इन पासपोर्ट की पुलिस की ओर से की गई जांच की जानकारी और नंबर पासपोर्ट विभाग से ले रही है, ताकि पता चल पाए कि इन लोगों में से कितने लोग कितनी-बार विदेशी दौरे पर गए तथा कितने ऐसे हैं जो महीने व दो महीने में विदेश जा रहे हैं।
पुलिस कप्तान वसीम अकरम का कहना है कि ऐसी कोई जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है कि पासपोर्ट की भी जांच की जा रही है। उनकी जानकारी में इस बारे में कोई मामला नहीं आया है और न ही मस्जिदों की जांच की बात संज्ञान में आई है।