पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में महिला पर पानी भरा गुब्बारा गिरने के बाद 26 वर्षीय तरुण की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही को लेकर शुक्रवार को लोगों ने हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों ने ने आरोपियों के घर के बाहर खड़ी एक कार में आग लगा दी। बीती रात प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपियों के घर के बाहर तीन गाड़ियों को तोड़ दिया था।
लोगों का आरोप था कि दो दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दिल्ली पुलिस ने उत्तम नगर इलाके में अर्धसैनिक बलों और पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया था। अधिकारी ने कहा कि इलाके में सुरक्षा कड़ी की गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
इतना ही नहीं गुस्साए लोगों ने न केवल उत्तम नगर थाने का घेराव किया। शुक्रवार देर रात तक खबर लिखे जाने तक लोग उत्तम नगर थाने के बाहर सड़क पर बैठे हुए थे। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया है। बाकियों की पहचान की जा रही।
परिवार वालों ने गलती भी मानी थी
मृतक तरुण के चाचा टेकचंद ने बताया कि होली की शाम को 7 वर्षीय लड़की अपने घर के ऊपर बालकनी में हाथ में गुब्बारा लेकर खड़ी थी, जिसमें पानी भरा था। अचानक गुब्बारा हाथ से छूटकर बालकनी से नीचे गिर गया, जो नीचे खड़ी दूसरे समुदाय की महिला के ऊपर जा लगा। इस पर महिला ने लड़ाई-झगड़ा शुरू कर दिया। बच्ची और उसके परिवार वालों ने माफी भी मांगी।
परिवार ने कहा कि बच्ची ने गुब्बारा जानबूझकर नहीं मारा, बल्कि गलती से हाथ से गुब्बारा गिर गया था। बावजूद इसके समुदाय विशेष के लोगों ने उनके घर पर हमला कर दिया। आरोपियों ने न केवल घर में तोड़ फोड़ की बल्कि महिलाओं के साथ बदसलूकी भी की। झड़प में मृतक तरुण के दादा मान सिंह भी घायल हुए हैं।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
वारदात के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा फूटा है। वारदात के वीडियो साझा करते हुए लोगों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि मासूम बच्ची से हुई गलती की सजा उसके परिजनों को क्यों दी गई। वहीं पुलिस ने कहा कि स्थिति पर करीब से नजर रखी जा रही है और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।