‘बार्डर पर काफी तनावपूर्ण माहौल है, मैं तुमसे ज्यादा देर बातचीत नहीं कर सकता। मुझे अभी ड्यूटी के लिए निकलना है।’ किसको पता था कि पंकज के यह शब्द अपनी पत्नी से कहे आखिरी शब्द होंगे। सुबह ड्यूटी पर जाने से पहले पंकज ने अपनी पत्नी मेघ से यही कहा था। यह बताते हुए मेघ के भाई आशीष देशवाल फफक पड़े।
पीओके में मंगलवार सुबह भारतीय वायु सेना की एयर स्ट्राइक के बाद से ही सीमाओं पर तनाव का माहौल है। बुधवार को भारतीय वायु सेना के विमान एमआई 17 बडगाम के गरेंद कलां में क्रैश हुआ। जिसमें मथुरा निवासी पंकज पुत्र नौबत भी शहीद हुए। पंकज वायु सेना में इंजीनियरिंग ग्रुप में तैनात थे। चोला क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी मेघ पुत्री विजेंद्र सिंह के साथ हुई थी।
विजेंद्र सिंह पुलिस महकमे से उपनिरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हैं। वह लगभग बीते 15 साल से नगर कोतवाली क्षेत्र की अमर माया कालोनी में रह रहे हैं। बताया गया कि मेघ और पंकज की शादी को अभी तीन साल ही हुए थे। उनका एक डेढ़ वर्षीय पुत्र भी है। मंगलवार को वायु सेना की एयर स्ट्राइक के बाद बुधवार सुबह पंकज का फोन मेघ के पास आया था।
मेघ के भाई आशीष देशवाल ने बताया कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे पंकज की उनकी बहन से बातचीत हुई थी। करीब आठ-दस मिनट की बातचीत के बाद पंकज ने फोन रख दिया था। फोन कटने के बाद मेघ ने परिजनों से कहा था कि पंकज ने कहा है कि सीमा पर मंगलवार से काफी तनावपूर्ण माहौल है। वह ज्यादा देर बात नहीं कर सकते हैं, अभी ड्यूटी पर भी निकलना है। वापस लौट कर फोन करता हूं।
फिर करीब तीन बजे पंकज की मौत की सूचना मिली। जिसके बाद परिजन मथुरा रवाना हो गए। कुछ दिन पहले मेघ की मां को चोट लगी थी, जिन्हें देखने के लिए मेघ बुलंदशहर आई थीं। वहीं, स्थानीय निवासियों ने बताया कि वह लोग भी बृहस्पतिवार सुबह मथुरा जाएंगे।