अब कड़े फैसले लेने का समय आ गया
इसी समारोह में मौजूद एक अन्य विभूति परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने भी पड़ोसी देश के साथ तनावपूर्ण संबंधों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'ये ऐसा समय है जब सभी का एक साथ आना बहुत जरूरी है। अब समय आ गया है जब कड़े फैसले और बड़े फैसले लेने की जरूरत है। पूरा देश एक है।
'देश संविधान से चलेगा, शरीयत से नहीं'
उन्होंने कहा, 'सनातन की जरूरत है क्योंकि सनातन सबका सम्मान करता है, इसीलिए हजारों सालों से चला आ रहा है... देश संविधान से चलेगा, शरीयत से नहीं। अपना घर शरीयत से चलाओ, अपनी निष्ठा रखो, कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जब देश की बात आती है तो हमें संविधान का ईमानदारी से पालन करना होगा। राष्ट्र सर्वोच्च है।' स्वामी चिदानंद सरस्वती ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) पर कहा, 'मुझे लगता है कि NRC का समय आ गया है।'
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गोविंद देव गिरी महाराज (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
सरकार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम
पहलगाम आतंकी हमले पर स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि हमारी सरकार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और यह जवाब इस तरह दिया जाना चाहिए कि इस पापी देश (पाकिस्तान) का नामोनिशान तक न बचे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बारे में वे कहते हैं वे नकली शंकराचार्य हैं...हमारे प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने का जो पाप वे हर दिन कर रहे हैं, वह किसी स्वामी का काम नहीं है। उन्हें किसी पार्टी का पिट्ठू नहीं बनना चाहिए, जो वे बन गए हैं।
कब और कहां हुई आतंकी वारदात, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री क्या बोले
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विटरलैंड’ नाम से मशहूर पर्यटन स्थल पर बीते 22 अप्रैल की दोपहर में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर पर्यटक थे। यह 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला था। एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय निवासी थे। हमले के बाद पहली प्रतिक्रिया में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी हमले को 'हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा' हमला बताया। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत की यात्रा पर थे। इसी समय जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और ट्रैकिंग का मौसम भी जोर पकड़ रहा है।
पहलगाम में आतंकी हमला (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
74 महीने बाद आतंकी हमले से दहली घाटी
2019 की फरवरी में जम्मू-कश्मीर के ही पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला पहलगाम में हुआ है। पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन चीड़ के पेड़ों के घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश व दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है।
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आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
पहलगाम हमले के संबंध में अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी 'मिनी स्विट्जरलैंड' में घुस आए और भोजनालयों के आसपास घूम रहे, खच्चर की सवारी कर रहे, पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
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