-हमें पता चला कि नागरिक अस्पताल में 10 रुपये में भोजन मुहैया कराया जा रहा है। हम जिला उपायुक्त कार्यालय से जब यहां दोपहर एक बजे पहुंचे तो पता चला कि खाना खत्म हो गया है। इसी तरह खाना खिलाकर राजनीति चमकानी है तो फिर इतना प्रचार क्यों किया जा रहा है।
-उधम सिंह, पलवल
मैं अस्पताल में अपने मरीज को लेकर आया हुआ हूं। दोपहर एक बजे मैं खाना खाने भोजनालय गया तो खाना खत्म हो चुका था। एक घंटे में 700 लोगों के भोजन करने की बात कही जा रही है। इस तरह वाहवाही लूटने के लिए ऐसे भोजनालय चलाने से अच्छा है वैसे ही पैसे खर्च अपना प्रचार करवा लें।
-दुलीचंद भिडूकी
इस बारे में भोजनालय का चार्ज देख रहे दीक्षित का कहना है कि पहले दिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि कितना खाना इस बनाना है। इस वजह से ऐसा हुआ। अब अंदाजा हो गया है, कल से करीब एक हजार लोगों के लिए खाना बनाया जाएगा। हम ध्यान रखेंगे कि आगे से ऐसा न हो।
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नव चेतना ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि भोजनालय चलाने के पीछे हमारा कोई स्वार्थ नहीं है। हम केवल 10 रुपये में शुद्ध भोजन कराना चाहते हैं। सरकार की भूखा न रहे कोय योजना को आगे बढ़ाना चाह रहे हैं। मैं इस बारे में पता करूंगा कि क्या दिक्कत रही, ताकि आगे ऐसा न हो।