कृष्ण जन्मोत्सव मनाने को मंदिरों में हुई सजावट
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कृष्ण जन्मोत्सव को मनाने के लिए राजधानी के मंदिर तैयार हो चुके हैं। झंडेवालान, बिरला मंदिर और छतरपुर सहित सभी प्रमुख मंदिरों में झांकियों की सजावट का काम पूरा कर लिया गया है। हालांकि, कोरोना को देखते हुए जन्माष्टमी पर लोगों को मंदिर में प्रवेश लेने के समय शारीरिक दूरी बनाए रखने को अनिवार्य किया गया है। मंदिरों में प्रवेश के समय लोगों के हाथ सेनेटाइज भी कराए जाएंगे।
झंडेवालान देवी मंदिर के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी नन्द किशोर सेठी ने अमर उजाला को बताया कि भगवान कृष्ण के जन्म की घटनाओं से जुड़ी विभिन्न झांकियां मंदिर परिसर में सजाई जा चुकी हैं। इससे जन्मोत्सव का पूरा वातावरण बन गया है। कोरोना को देखते हुए इस वर्ष कृष्ण जन्मोत्सव पर कुछ बदलाव किया गया है। भक्तों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे शारीरिक दूरी बनाये रखें और हाथ सेनेटाइज करने जैसे नियमों का पालन करते हुए भगवान के जन्मोत्सव का आनंद लें।
इस वर्ष मंदिर में भजन-कीर्तन का काम बाहर से आने वाली बहनें नहीं करेंगी। इसकी बजाय मंदिर के कार्यकर्ता ही भजन कार्यक्रम करेंगे। भक्तों के लिए प्रसाद वितरण शाम छ: बजे से ही प्रारंभ कर दिया जाएगा जो रात्रि बारह बजे जन्मोत्सव का भोग लगने के बाद तक जारी रहेगा। भक्तों के लिए चरणामृत और अन्य प्रसाद के पैकेट वाली व्यवस्था की गई है।
बिरला मंदिर में भी पूरी तैयारी
कृष्ण जन्माष्टमी पर अपने अद्भुत दर्शनीय कार्यक्रम के लिए प्रसिद्ध बिरला मंदिर में इस बार जन्मोत्सव कुछ फीका रहेगा। मंदिर के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी विनोद कुमार मिश्रा ने कहा कि प्रशासन से शारीरिक दूरी बनाये रखने जैसे नियमों का कड़ाई के साथ पालन कराया जा रहा है। इस वर्ष बाहर किसी प्रकार की शोभा यात्रा नहीं निकाली जाएगी। लेकिन मंदिर में दर्शन की व्यवस्था रहेगी। लोगों से नियमों का पालन करते हुए दर्शन की अपील की गई है। इस बार मंदिरों पर भी लोगों की अपेक्षाकृत कम भीड़ जुटने का अनुमान है।