उत्तरी पर्वतीय इलाकों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। यही वजह है कि इन दिनों न्यूनतम तापमान सामान्य श्रेणी के आसपास दर्ज किया जा रहा है। हालांकि, अगले सप्ताह से पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के कारण दिल्ली के न्यूनतम तापमान में कमी आएगी और सर्दी का एहसास बढ़ेगा।
प्रादेशिक मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी का न्यूनतम तापमान सामान्य से एक कम 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान सामान्य से 4 अधिक 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस रहा था।
पिछले 24 घंटे में हवा में नमी का अधिकतम स्तर 100 फ़ीसदी तक पहुंच गया वहीं, न्यूनतम स्तर 51 फ़ीसदी दर्ज किया गया। दिल्ली के विभिन्न इलाकों की बात करें तो 7.7 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ लोधी रोड सबसे ठंडा रहा। इसके अलावा 9.3 डिग्री सेल्सियस के साथ आया नगर, 10 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ जफरपुर और 9 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान के साथ मुंगेशपुर सबसे ठंडे इलाके रहे।
स्काईमेट वेदर के प्रमुख मौसम विज्ञानी महेश पलावत के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। यही वजह है कि शुक्रवार को भी उत्तरी भारत स्थित पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी हुई है। वहीं, दूसरा पश्चिम विक्षोभ का असर 7 तारीख के बाद सक्रिय होगा। ऐसे में 10 तारीख तक फिलहाल न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब बना रहेगा। इसके बाद उत्तरी दिशाओं से आने वाली ठंडी हवाओं की वजह से दिल्ली के न्यूनतम तापमान में कमी आएगी और सर्दी बढ़ेगी।