दिल्ली में स्वाइन फ्लू की आशंका होने पर सरकार की ओर से अधिकृत लैब में अपने नमूनों की जांच कराएं और रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर टेमीफ्लू दवा लेनी चाहिए। सरकार की ओर से अधिकृत सरकारी अस्पतालों में टेमीफ्लू दवा मुफ्त में उपलब्ध है जबकि निजी अस्पतालों में मरीज को दवा की कीमत देनी होती है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निजी दवा दुकानों में भी टेमीफ्लू दवा उपलब्ध कराई गई है।
अलग-अलग कंपनी की यह दवा बाजार में 300 से 500 रुपये तक में उपलब्ध है। चिकित्सकों के मुताबिक यदि किसी को स्वाइन फ्लू है तो उस मरीज की सेवा में लगे तीमारदार को भी टेमीफ्लू दवा लेनी चाहिए। मरीज को पांच दिनों तक सुबह-शाम एक-एक दवा लेनी चाहिए जबकि मरीज की सेवा में लगे तीमारदार को 10 दिनों तक एक-एक दवा लेनी चाहिए। अस्पताल में मरीज के इलाज में जुटे डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को वैक्सीन लेनी चाहिए।