कल्याणपुरी इलाके में दो साल की मासूम इल्मा की अगवा कर हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस की माने तो पड़ोस में रहने वाली पंद्रह साल की एक किशोरी ने इल्मा की मां को सबक सिखाने के लिए वारदात को अंजाम दिया।
दरअसल, 6 जून को इल्मा की मां ने किशोरी पर चोरी का इल्जाम लगाकर उसकी खूब बेइज्जती की थी। इसी का बदला लेने के लिए किशोरी ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने किशोरी को दबोच लिया है।
वह पास के सरकारी स्कूल में 11वीं की छात्रा है। पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अजय कुमार ने बताया कि 20 ब्लॉक निवासी इस्राइल ने गत बुधवार को अपनी दो साल की मासूम बच्ची इल्मा की गुमशुदगी कल्याणपुरी थाने में दर्ज कराई थी।
पड़ोस की किशोरी ने रचा खतरनाक खेल
दोपहर करीब 1:30 बजे घर के पास से खेलते हुए बच्ची गायब हो गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बच्ची 10 से 15 मिनट में ही गायब हो गई।
इस आधार पर पुलिस को शक था कि बच्चों को अगवा करने में या तो पीड़ित के किसी रिश्तेदार या किसी पड़ोसी का हाथ है। पुलिस ने लोगों से पूछताछ शुरू की।
पूछताछ के दौरान 15 साल की पड़ोसी किशोरी पर पुलिस को कुछ शक हुआ। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
मर्डर के बाद बैग में डालकर फेंक आई थी बच्ची
पुलिस को उसने बताया कि मां से झगड़े के बाद उसने सबक सिखाने की नीयत से वारदात को अंजाम दिया। घटना वाले दिन बच्चों को अगवा कर वह अपने घर ले आई।
यहां उसने पहले बच्ची की गला घोंटकर हत्या कर दी। बाद में शाम के समय शव को एक बैग में डालकर संजय झील के पास फेंककर वापस आ गई।
शनिवार सुबह को बच्ची का शव लोगों ने देखकर पुलिस को सूचना दी थी।