बेबीसीटर का काम करती थी रेशमा
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पुलिस को 20 फरवरी को एक नाबालिग लड़की के फांसी लगाने के बारे में एक पीसीआर कॉल मिली थी। कॉल मिलने पर एमरजेंसी अफसर स्टाफ के साथ जय हिंद कैंप, बंगाली बस्ती, मसूदपुर मौके पर पहुंचे। पुलिस को 15 साल की रेशमा पुत्री एजाजुल घर के अंदर बिस्तर पर पड़ी मिली। उसकी बहन रजीना के बयान दिया कि मृतक सरस्वती अपार्टमेंट में बेबीसीटर (आया) का काम करती थी। शुक्रवार को उसके माता-पिता काम पर चले गए थे। सुबह करीब 9.30 बजे रजीना को एक कॉल आया कि रेशमा अपने काम की जगह पर नहीं पहुंची है।
दुपट्टे से लटकी मिली रेशमा की लाश
वह घर देखने गई तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। बार-बार खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने पर, उसने दरवाजा तोड़ा। देखा तो रेशमा दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई थी। उसने उसे खोला और बिस्तर पर लिटाकर शोर मचाया। इसके बाद पड़ोसी जमा हो गए और पीसीआर को 112 पर कॉल किया गया। क्राइम टीम को मौके पर बुलाया गया और जांच की गई। तस्वीरें ली गईं और घटनास्थल की जांच की गई। मृतक के माता-पिता ने किसी भी तरह की गड़बड़ी का आरोप नहीं लगाया है।