ब्ल्यू लाइन पर तीन दिनों के बाद यात्रियों को मेट्रो की कछुआ चाल से छुटकारा मिला। शनिवार सुबह से ही ब्ल्यू लाइन पर मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से शुरू की गईं। इस बीच द्वारका और वैशाली के बीच दो लूप में चलाई जा रही मेट्रो सेवा को डीएमआरसी ने बंद कर दिया। डीएमआरसी ने इस सेक्शन पर पहले के तरह द्वारका-वैशाली/नोएडा मेट्रो सेवा शुरू की। शुरूआत में इस लाइन पर ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी थोड़ी ज्यादा रही, लेकिन उसके बाद मेट्रो सेवाएं सामान्य हो गईं। शाम तक मेट्रो सेवा सामान्य रूप से जारी रही, बहरहाल इस बीच यात्रियों से मेट्रो की तकनीकी खराबी को लेकर शिकायतें नहीं मिली।
गौरतलब है कि 5 दिसंबर से ऑटोमैटिक ट्रेन कंट्रोल टूटने के कारण तकनीकी खराबी शुरू हुई थी। डीएमआरसी ने द्वारका-वैशाली सेक्शन पर 6 दिसंबर को ट्रेनें दो लूप में चलानी शुरू कर दी। शनिवार को ब्ल्यू लाइन पर मेट्रो सेवाएं सामान्य होने से डीएमआसी सहित यात्रियों ने राहत की सांस ली।
समय से ऑफिस पहुंच पाए लोग
शनिवार को छुट्टी का दिन होने के कारण पीक आवर्स में कामकाजी लोगों की भीड़ मेट्रो में थोड़ी कम रही। यात्री आशीष झा ने बताया कि वह सुभाष नगर में रहते हैं और नोएडा में जॉब करते हैं। पिछले तीन दिनों से मेट्रो ट्रेन में तकनीकी खराबी के कारण रोजाना ऑफिस देर से पहुंच रहे थे। शनिवार को भी उन्हें ऑफिस जाते वक्त मेट्रो में खराबी के चलते देरी होने का डर था। लेकिन, शनिवार को ट्रेन सामान्य गति से चली, जिससे वह समय से ऑफिस पहुंचे।
सोशल मीडिया पर पूछते रहे मेट्रो का हाल
ब्ल्यू लाइन पर मेट्रो की तकनीकी खराबी का मुद्दा शनिवार को भी सोशल मीडिया पर छाया रहा। जिन लोगों की ऑफिस से छुट्टी थी, उन्होंने ट्वीट कर मेट्रो के हालात के बारे में जानकारी मांगी। पिछले तीन दिनों से यात्री लगातार सोशल मीडिया मेट्रो की दिक्कत पर लिख रहे थे।
डीएमआरसी ने ली राहत की सांस
शनिवार को मेट्रो सेवाएं सामान्य ढ़ग से शुरू होने के बाद डीएमआरसी ने भी राहत की सांस ली। तकनीकी खराबी को ठीक करने के लिए डीएमआरसी द्वारा मेट्रो सेवाएं बंद होने के बाद रात में कड़ी मशक्कत की गई। लाइन पर आठ इंटरलॉकिंग प्वाइंटस बनाकर मॉनिटरिंग की गई। उसके बाद तकनीकी खराबी को पूरी तरह ठीक किया जा सका।