12वीं कक्षा के बाद तकनीकी डिप्लोमा पासआउट छात्रों को 2019 में एग्जिट एग्जाम (डिप्लोमा पूरा होने के बाद दोबारा परीक्षा) नहीं देना होगा। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है। एआईसीटीई ने तकनीकी कालेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रबंधन से छात्रों को गुमराह न करने के निर्देश दिए हैं।
एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे के मुताबिक डिप्लोमा धारकों के लिए एग्जिट एग्जाम का नियम लागू नहीं किया गया है। कई तकनीकी कालेज और पॉलिटेक्निक प्रबंधन छात्रों को एग्जिट एग्जाम लागू होने की जानकारी दे रहे हैं, जो गलत है।
कालेज प्रबंधन को एआईसीटीई उपाध्यक्ष प्रो. एमपी पुनिया की ओर से जो नोटिस मिला है, वह दरअसल फर्जी है। क्योंकि एआईसीटीई की ओर से ऐसा कोई नोटिस कालेज प्रबंधन या पॉलिटेक्निक प्रबंधन को भेजा ही नहीं गया था।
कुछ कालेजों ने एआईसीटीई से एग्जिट एग्जाम पर संपर्क किया, तब ऐसे नोटिस मिलने का खुलासा हुआ। प्रो. सहस्रबुद्धे के मुताबिक एग्जिट एग्जाम शुरू करने का प्रस्ताव आया था, लेकिन इस लागू नहीं किया गया है। प्रस्ताव के मुताबिक 12वीं कक्षा के बाद जो छात्र तकनीकी कालेजों और पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा की पढ़ाई करते हैं, उन्हें डिप्लोमा पूरा करने के बाद एग्जिट एग्जाम देना था।
हालांकि छात्रों को दो-दो बार परीक्षा से बचाने के मकसद से एग्जिट एग्जाम के प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। प्रो. सहस्रबुद्धे के मुताबिक, तकनीकी कालेज और पॉलिटेक्निक प्रबंधन से निर्देश दिए गए हैं कि कि वे छात्रों को गुमराह होने से बचाएं।