मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईटी विभाग को दी अतिरिक्त ताकत
आदित्य पाण्डेय
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की टेक्निकल इवैल्यूएशन कमेटी(टीईसी) ने विभागों की अधूरी तैयारी पर रोक लगा दी है। आईटी विभाग ने साफ किया है कि अब बिना पूरी जानकारी के भेजे गए प्रस्ताव टीईसी से ही लौटा दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आईटी विभाग को अतिरिक्त ताकत दी है।
आईटी विभाग के ताजा सर्कुलर के मुताबिक, अब नई नियुक्तियां समेत अन्य सभी प्रस्तावों और पिछले सभी एक्सटेंशन का पूरा रिकॉर्ड और उसका ठोस कारण देना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने बताया कि टीईसी की बैठकों में बार-बार सामने आ रहा था कि पुराने फैसलों का जिक्र किए बिना नए प्रस्ताव भेजे जा रहे थे। इससे ये समझना मुश्किल हो रहा था कि कितनी बार एक्सटेंशन दिया गया और उनका नतीजा क्या रहा। अब तय फॉर्मेट में पूरी जानकारी जरूरी होगी। इसके साथ प्रोजेक्ट की प्रगति और तय समय में उसे पूरा करने की योजना की जानकारी देनी होगी।
नियमों का पालन नहीं करने पर लौटा दिए जाएंगे प्रस्ताव
टीईसी सीधे मंजूरी नहीं देती, बल्कि अपनी सिफारिश देती है। इसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाता है। सर्कुलर में ये भी साफ किया गया है कि जिन प्रस्तावों को पहले ही कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है और जिनमें आईटी विभाग की राय ली जा चुकी है, उन्हें दोबारा टीईसी के पास भेजने की जरूरत नहीं होगी। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन नहीं करने पर प्रस्ताव बिना किसी सिफारिश के लौटा दिए जाएंगे।