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परीक्षा देने से डरे गुरुजी, आंदोलन की चेतावनी

Fri, 23 May 2014 12:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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प्रदेश सरकार के खिलाफ स्कूल लेक्चरर्स ने 26 मई से प्रदेशभर में आंदोलन करने का ऐलान किया है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) ने प्रदेश सरकार पर मांगों पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया है।
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आंदोलन के पहले चरण में 26 मई को सभी जिला इकाइयों की ओर से डीसी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि 28 नवंबर, 2013 को शिक्षा विभाग की प्रधान सचिव सुरीना राजन के आदेश पर विभाग के उच्चाधिकारियों की एक समिति गठित की गई थी।

इस समिति को लेक्चरर्स की मांगों पर रिपोर्ट तैयार करना था। लेकिन छह माह बीतने के बाद भी इस समिति ने आज तक अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। वहीं, दूसरी ओर हसला शिक्षकों का मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है।

हसला का आरोप है कि यह मूल्यांकन परीक्षा शिक्षकों को बदनाम करने का तरीका है। अध्यापकों का स्तर खराब बताकर सरकार शिक्षा के फर्ज से पिंड छुड़ाना चाहती है।
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हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स एसोसिएशन (हसला) के जिला अध्यक्ष रामवीर शर्मा ने बताया कि कई बार मिलने के बावजूद उन्हें विभाग की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं।

क्या है मूल्याकंन परीक्षा
दरअसल, शिक्षा विभाग यह आकलन करना चाहता है कि शिक्षक जिस कक्षा या विषय को पढ़ा रहा है, क्या उनके पास उसकी स्किल है। जिसके लिए 26 से 30 मई के दौरान विभाग शिक्षकों की मूल्याकंन परीक्षा (टीएनए) लेगा। टीएनए प्राइमरी (पीआरटी), टेंड ग्रेजुएट (टीजीटी) व पोस्ट ग्रेजुएट (पीजीटी) टीचर्स की होनी है।
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विभागीय अफसर गुणवत्ता सुधार के लिए टीएनए को जरूरी मान रहे हैं। उनका कहना है कि टीएनए के नतीजों के बाद जरूरी सुधार किए जाएंगे।
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