जेएनयू शिक्षक यूनियन ने छात्र और प्रशासन के बीच के मसलों को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार से दखल की मांग की है। इस बाबत शिक्षक यूनियन ने मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात का समय मांगा है ताकि कैंपस के माहौल को शांत किया जा सके। शिक्षक यूनियन ने कुलपति व रजिस्ट्रार को छात्रों को परेशान न करने की चेतावनी भी दी है।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को ‘जेएनयू: केंद्र सरकार नहीं देगी दखल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। क्योंकि सरकार मानती है कि जेएनयू स्वायत्त संस्था है और प्रशासन को छात्रों, शिक्षकों समेत हितधारकों के साथ मिलकर अपनी समस्या का समाधान करना होगा। इसी के तहत शिक्षक यूनियन ने बृहस्पतिवार को सरकार से जेएनयू मामले में हस्तक्षेप की मांग रखी है।
यूनियन अध्यक्ष प्रो. डीके लोबियाल के मुताबिक, मानव संसाधन विकास मंत्री से अभी तक समय नहीं मिला है। इसीलिए हम केंद्र सरकार से मांग कर रहे हैं कि वे हस्तक्षेप करें। क्योंकि विश्वविद्यालय प्रशासन अपनी मनमानी से कैंपस का माहौल लगातार खराब कर रहे हैं।
प्रो. लोबियाल के मुताबिक, कुलपति व रजिस्ट्रार छात्रों को परेशान कर रहे हैं। छात्रसंघ का आरोप है कि यूपी में छात्रों के परिजनों को घर में पुलिस परेशान कर रही है। ऐसे में आंदोलन शांत नहीं हो पाएगा। यदि प्रशासन ऐसे ही कामकाज करता रहा तो फिर शिक्षक आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।